
लंदन। प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि रचनात्मक कार्यों और साहित्य के क्षेत्र में AI की कोई भूमिका नहीं हो सकती, क्योंकि इसमें मौलिकता से कुछ नया रचने की क्षमता नहीं है। उन्होंने कहा कि कला का वास्तविक उद्देश्य कुछ ऐसा नया प्रस्तुत करना है, जो पहले किसी ने नहीं किया हो। लंदन में आयोजित एक समारोह में 14वां ‘लिबरेटम कल्चरल ऑनर’ स्वीकार करने से पहले सलमान रुश्दी ने AI और सिनेमा समेत कई विषयों पर अपने विचार साझा किए। जब उनसे पूछा गया कि रचनात्मक क्षेत्रों में AI की भूमिका क्या होनी चाहिए, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “कुछ भी नहीं। शून्य।”
रुश्दी ने कहा कि कला केवल जानकारी को दोहराने या पुराने विचारों को नए तरीके से पेश करने का नाम नहीं है। उनके अनुसार, कला में कल्पना, अनुभव और मौलिक सोच सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि AI बड़ी मात्रा में उपलब्ध जानकारी को इकट्ठा कर उसका एक नया रूप तैयार कर सकता है, लेकिन वह वास्तव में कुछ नया और मौलिक नहीं बना सकता। उन्होंने कहा कि एक लेखक या कलाकार का काम केवल मनोरंजन करना नहीं होता, बल्कि समाज को नई सोच देना और लोगों को सोचने के लिए मजबूर करना भी होता है। रुश्दी के मुताबिक, कला अपने सबसे अच्छे रूप में एक चुनौती होती है, जो नए विचारों और नई दृष्टि को जन्म देती है।
सलमान रुश्दी ने AI के प्रति अपनी कम रुचि जाहिर करते हुए कहा कि रचनात्मकता इंसानी अनुभवों से जुड़ी होती है। इंसान अपने जीवन, भावनाओं, संघर्षों और कल्पनाओं के आधार पर कला का निर्माण करता है, जबकि AI के पास खुद का अनुभव या भावना नहीं होती। उन्होंने कहा कि साहित्य में लेखक की व्यक्तिगत आवाज और उसकी सोच की अहम भूमिका होती है। किसी रचना की पहचान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि उसके पीछे मौजूद विचार और भावना से होती है। यही अंतर इंसानी रचनात्मकता और AI से तैयार सामग्री के बीच है।
कार्यक्रम के दौरान सलमान रुश्दी ने सिनेमा से जुड़े सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने अपनी जिंदगी पर बायोपिक बनाए जाने के विचार को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने खुद पर फिल्म बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई और कहा कि उनकी कहानी को पर्दे पर उतारने को लेकर वह उत्साहित नहीं हैं। सलमान रुश्दी लंबे समय से साहित्य जगत के प्रमुख नामों में शामिल रहे हैं। उनकी रचनाओं में कल्पना, इतिहास और सामाजिक मुद्दों का मिश्रण देखने को मिलता है। उन्होंने अपने लेखन के जरिए दुनिया भर में पहचान बनाई है और साहित्य में नए प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं।
AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच रुश्दी का यह बयान रचनात्मक क्षेत्रों में नई बहस को जन्म दे सकता है। जहां कई लोग AI को लेखन और कला के लिए एक उपयोगी उपकरण मानते हैं, वहीं रुश्दी जैसे लेखक मानते हैं कि मौलिक रचना और मानवीय अनुभव की जगह तकनीक नहीं ले सकती।





