विश्व
नेपाल बाढ़ में फंसे 80 यात्री सद्गुरु ने परिवारों को दिया भरोसा
Ratna Netam
27 Aug 2026 3:26 PM IST

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नेपाल : आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं, वहीं भारत के भी कई नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, नेपाल में आई बाढ़ के बाद अब भी 288 भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा करीब 150 लोग ऐसे हैं, जो चीन की सीमा से लगे दुर्गम इलाकों में फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में फंसे और लापता भारतीय नागरिकों की पहचान और उनके परिजनों से संपर्क करने का काम लगातार जारी है। सरकार नेपाल प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान में सहयोग कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में पहुंचना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि कई जगह सड़कें टूट गई हैं और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
बताया जा रहा है कि चीनी सीमा के पास फंसे करीब 150 लोग मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में मौजूद हैं, जहां भारी बारिश और भूस्खलन के कारण रास्ते बंद हो गए हैं। ये लोग नेपाल के पहाड़ी इलाकों में यात्रा, ट्रेकिंग, धार्मिक यात्राओं या अन्य निजी कारणों से गए थे। अचानक मौसम बिगड़ने और बाढ़ आने के कारण उनका संपर्क प्रभावित हुआ।
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि नेपाल में फंसे भारतीयों में पर्यटक, तीर्थयात्री और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले लोग शामिल हैं। कुछ लोग पहाड़ी क्षेत्रों में घूमने गए थे, जबकि कुछ लोग रोजगार या अन्य कामों के सिलसिले में नेपाल पहुंचे थे। आपदा के बाद कई लोगों का अपने परिवारों से संपर्क टूट गया।
नेपाल में आई इस आपदा ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गईं और कई स्थानों पर अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो गईं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में मुश्किलें बढ़ गईं।
भारत सरकार ने स्थिति पर नजर रखने के लिए नेपाल प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है। विदेश मंत्रालय की ओर से हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों के जरिए जानकारी जुटाई जा रही है। भारतीय दूतावास और स्थानीय अधिकारी प्रभावित लोगों की मदद में लगे हुए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचना है। कई पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर और अन्य राहत साधनों के संचालन में भी परेशानी आ रही है। इसके बावजूद बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
नेपाल में आई बाढ़ ने सिर्फ स्थानीय लोगों को ही नहीं बल्कि वहां मौजूद विदेशी नागरिकों को भी प्रभावित किया है। भारत और नेपाल के बीच मजबूत संबंधों को देखते हुए भारत लगातार राहत कार्यों में सहयोग कर रहा है।
परिवारों की चिंता बढ़ी
लापता भारतीय नागरिकों के परिवार लगातार सरकार और संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर रहे हैं। कई परिवार अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सोशल मीडिया और हेल्पलाइन नंबरों के जरिए भी लोग जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि सभी प्रभावित भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे-जैसे मौसम में सुधार होगा, राहत अभियान को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल नेपाल में बचाव अभियान जारी है। 288 भारतीय नागरिकों की तलाश और चीनी सीमा क्षेत्र में फंसे करीब 150 लोगों को सुरक्षित निकालना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। आने वाले दिनों में राहत अभियान की प्रगति के साथ स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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