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अंतरिक्ष में रूस की लंबी छलांग, 14 सालों के इंतजार के बाद स्पेस में भेजा Nauka Module

Neha
22 July 2021 5:04 AM GMT
अंतरिक्ष में रूस की लंबी छलांग, 14 सालों के इंतजार के बाद स्पेस में भेजा Nauka Module
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बता दें कि ISS नासा (अमेरिका), रोस्कोमोस (रूस), जाक्सा (जापान), ईएसए (यूरोप) और सीएसए (कनाडा) की परियोजना है.

रूस ने 'इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन' (ISS) के लिए सफलतापूर्वक 'नौका' लैब मॉड्यूल (Nauka Lab Module) को लॉन्च किया है. इसकी सहायता से क्रू के सदस्य और अधिक वैज्ञानिक अनुसंधान कर पाएंगे. कजाकिस्तान के बैकानूर में स्थित रूसी अंतरिक्ष स्थल से स्थानीय समयानुसार रात सात बजकर 58 मिनट पर 'नौका' मॉड्यूल को ले जाने वाले रॉकेट को रवाना किया गया. यह मॉड्यूल 22 टन वजनी है और आठ दिन बाद ISS से जुड़ जाएगा. नौका को रूस की सबसे बड़ी अंतरिक्ष प्रयोगशाला के रूप में जाना जाता है. इस मॉड्यूल को 14 साल की देरी से अंतरिक्ष में रवाना किया गया है.

नौका को कजाकिस्तान में रूसी बैकानूर कोस्मोड्रोम से प्रोटॉन-एम रॉकेट (Proton-M rocket) के जरिए अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया. रूसी राज्य समाचार एजेंसी ने बताया कि इस समय,नौका मॉड्यूल ऑर्बिटल आउटपोस्ट के बाहर प्रोटॉन-एम रॉकेट से सफलतापूर्वक अलग हो गया है. यह 29 जुलाई को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़ने वाला है. 22 टन के नौका मॉड्यूल को 2007 में लॉन्च किया जाना था. हालांकि, समय के साथ इसकी लॉन्चिंग में देरी हुई. मॉड्यूल यूरोपीय रोबोटिक ओआरएम ERA के साथ है.
ISS के लिए 8 दिवसीय ऑटोनोमस फ्लाइट की उड़ान भरेगा मॉड्यूल
इस रोबोटिक आर्म को ISS के रूसी हिस्से में संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है. टेकऑफ के 580 सेकंड बाद मॉड्यूल सफलतापूर्वक लॉन्चर से अलग हो गया. रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) ने एक ट्वीट में सफलतापूर्वक रॉकेट से मॉड्यूल के अलग होने की जानकारी दी. रोस्कोमोस ने लिखा कि टी+9:40 मिनट पर बहुउद्देशीय लैब मॉड्यूल अपने तीसरे चरण में प्रोटॉन-एम कैरियर रॉकेट से अलग हो गया. इसके बाद मॉड्यूल ISS के लिए अपनी 8 दिवसीय ऑटोनोमस फ्लाइट की उड़ान शुरू करेगा.
29 जुलाई को ISS से जुड़ जाएगा मॉड्यूल
लॉन्च के 30 मिनट बाद रोस्कोस्मोस ने बताया कि नौका ने अपने सौर पैनल और एंटेना को सफलतापूर्वक तैनात कर दिया. रूसी समाचार एजेंसी तास ने बताया कि मॉड्यूल अब कक्षा में जाने के लिए अपने स्वयं के इंजनों का इस्तेमाल करेगा. इस मॉड्यूल का ISS से कनेक्शन 29 जुलाई को निर्धारित किया जाएगा. बता दें कि ISS नासा (अमेरिका), रोस्कोमोस (रूस), जाक्सा (जापान), ईएसए (यूरोप) और सीएसए (कनाडा) की परियोजना है.

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