विश्व

अमेरिकी कंप्यूटर सिस्टम हैक कर रूसी नागरिक ने कमाए 82 मिलियन डॉलर, धोखाधड़ी के आरोप में अमेरिका ने किया डिपोर्ट

Renuka Sahu
21 Dec 2021 1:49 AM GMT
अमेरिकी कंप्यूटर सिस्टम हैक कर रूसी नागरिक ने कमाए 82 मिलियन डॉलर, धोखाधड़ी के आरोप में अमेरिका ने किया डिपोर्ट
x

फाइल फोटो 

अमेरिका ने रूस के एक व्यक्ति पर अमेरिकी नेटवर्क को हैक करने, अंदरूनी जानकारी चुराने और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। अमेरिका ने रूस के एक व्यक्ति पर अमेरिकी नेटवर्क को हैक करने, अंदरूनी जानकारी चुराने और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. आरोप है कि रूसी शख्स ने अमेरिकी निवेशकों को 82 मिलियन डॉलर की चपत लगाई. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, कंप्यूटर नेटवर्क हैक करने के दौरान चोरी की गई जानकारी का इस्तेमाल करके कंपनियों के शेयरों का अवैध तरीके से व्यापार किया और लाखों मिलियन अमेरिकी डॉलर कमाए. इन्हीं आरोपों का जवाब देने के लिए अमेरिका ने उस रूसी व्यक्ति को प्रत्यर्पित किया है.

अमेरिकी अटॉर्नी नथानिएल मेंडेल ने कहा, 41 साल के व्लादिस्लाव क्लाइशिन को 21 मार्च को स्विट्जरलैंड के सायन में गिरफ्तार किया गया था और 18 दिसंबर को अमेरिका में प्रत्यर्पित किया गया. उसने 2018 से 2020 तक इस तरीके से कुल 82 मिलियन अमरीकी डॉलर कमाए.
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अन्य चार संदिग्ध अभी भी फरार हैं. उनमें से एक रूसी मुख्य खुफिया निदेशालय में एक पूर्व अधिकारी है, जिसे GRU के रूप में जाना जाता है, जिसे पहले जुलाई 2018 में 2016 के अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप करने के रूसी प्रयास में कथित भूमिका के लिए आरोपित किया गया था.
कैसे की गई धोखाधड़ी
मामले में FBI के एक हलफनामे के अनुसार, आरोपियों ने टेस्ला, स्नैप इंक, रोकू, नीलसन और कोहल सहित कई नामचीन अमेरिकी कंपनियों की कमाई से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक करने से पहले एक्सेस किया. कई मौकों पर हैकर्स ने मैसाचुसेट्स में स्थित कंप्यूटर सर्वर का इस्तेमाल किया.
आरोपी समय से पहले कंपनी की वित्तीय जानकारी हासिल करके ब्रोकरेज अकाउंट के जरिए शेयरों की खरीद-फरोख करते थे. यदि कोई कंपनी पॉजिटिव वित्तीय परिणाम जारी करने वाली थी, तो वे उस कंपनी के शेयर खरीद लेते थे और यदि कोई कंपनी खराब परिणामों की रिपोर्ट देने वाली थी, तो वे शेयर बेच देते थे. उन्होंने कंप्यूटर नेटवर्क हैक करके कर्मचारियों के नाम और उनका पासवर्ड हासिल कर लिया था. इसके बाद वे कर्मचारियों के रूप में खुद को गलत तरीके से पेश करते थे और अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए विभिन्न तरीकों का भी इस्तेमाल करते थे.
Next Story