
कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान यूक्रेन के सबसे बड़े स्टील प्लांटों में शामिल आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह पर रूसी मिसाइल हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 14 लोग घायल हुए हैं। रविवार को हुए हमले में प्लांट की बिजली उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद कंपनी को अपनी उत्पादन प्रक्रियाओं का एक हिस्सा अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह यूक्रेन के औद्योगिक शहर क्रिवी रिह में स्थित है। यह शहर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का गृहनगर भी है। आर्सेलरमित्तल दुनिया की प्रमुख स्टील कंपनियों में शामिल है और भारतीय मूल के उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल इसके कार्यकारी चेयरमैन हैं। क्रिवी रिह का यह प्लांट यूक्रेन के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों में से एक है।
रविवार को रूसी हमलों के दौरान इस प्लांट को निशाना बनाया गया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार हमले में दो लोगों की मौत हुई और 14 लोग घायल हुए। घायलों में प्लांट के कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्टर भी शामिल बताए गए हैं। हमले के बाद राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया और घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह ने हमले के बाद बताया कि प्लांट के बिजली उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस सेक्टर की प्रमुख उत्पादन सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। इसके कारण उत्पादन प्रक्रियाओं को आंशिक रूप से रोकना पड़ा। कंपनी के विशेषज्ञ नुकसान का आकलन करने और उत्पादन बहाल करने की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं।
हमले के बाद प्लांट में आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना लागू की गई। दमकलकर्मी, बचाव दल, चिकित्सा कर्मचारी और औद्योगिक सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञ मौके पर सक्रिय किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक घायलों में से कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और गंभीर रूप से घायल लोगों का उपचार किया जा रहा है।
क्रिवी रिह का यह स्टील प्लांट यूक्रेन की अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां लौह अयस्क के खनन से लेकर स्टील उत्पादन तक की पूरी प्रक्रिया संचालित होती है। युद्ध से पहले इसकी वार्षिक स्टील उत्पादन क्षमता 60 लाख टन से अधिक थी। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पिछले कई वर्षों से यूक्रेन के औद्योगिक प्रतिष्ठानों को उत्पादन, ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार का हमला ऐसे समय हुआ जब रूस और यूक्रेन के बीच एक-दूसरे के क्षेत्र में लंबी दूरी के हवाई हमले तेज हो गए हैं। यूक्रेन ने भी रूस के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने नवीनतम हमलों के दौरान देशभर में सैकड़ों यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। मॉस्को क्षेत्र सहित कई जगहों पर इन हमलों से जान-माल के नुकसान की खबरें सामने आईं।
रूसी हमलों का असर केवल क्रिवी रिह तक सीमित नहीं रहा। यूक्रेन की राजधानी कीव सहित दूसरे इलाकों को भी मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा। कीव में हमलों के बाद कई स्थानों पर आग लग गई और लोग घायल हुए। दोनों देशों की ओर से बढ़ते हवाई हमलों ने युद्ध के और तेज होने की आशंका बढ़ा दी है।
आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह पर हमले का औद्योगिक उत्पादन पर तत्काल प्रभाव पड़ा है। ऊर्जा और ब्लास्ट फर्नेस सुविधाओं को नुकसान पहुंचने के कारण प्लांट के उत्पादन को आंशिक रूप से रोकना पड़ा। ब्लास्ट फर्नेस किसी भी बड़े एकीकृत स्टील प्लांट के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक होती है। ऐसे में इन सुविधाओं को हुए नुकसान की गंभीरता उत्पादन बहाल करने में लगने वाले समय को प्रभावित कर सकती है।
कंपनी की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्लांट ने अपने प्रतिष्ठान को नागरिक खनन और धातुकर्म सुविधा बताया है। यह पहली बार नहीं है जब युद्ध के दौरान इस औद्योगिक परिसर को नुकसान पहुंचा हो। वर्ष 2022 में भी रूसी मिसाइल हमले में प्लांट की एक रोलिंग मिल को नुकसान पहुंचा था और एक कर्मचारी की मौत हुई थी।
यूक्रेन के लिए इस तरह के बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों का संचालन आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। स्टील उद्योग देश के औद्योगिक उत्पादन और निर्यात में अहम भूमिका निभाता रहा है। युद्ध के दौरान ऊर्जा ढांचे और औद्योगिक सुविधाओं पर हमलों के कारण उत्पादन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
क्रिवी रिह पर हुआ ताजा हमला रूस-यूक्रेन युद्ध में औद्योगिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे पर बढ़ते खतरे को भी रेखांकित करता है। दोनों देशों की ओर से ड्रोन और मिसाइलों के इस्तेमाल में वृद्धि हुई है। इसके कारण सैन्य ठिकानों के साथ औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ऊर्जा सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचों के प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
फिलहाल आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह में उत्पादन आंशिक रूप से बाधित है और कंपनी नुकसान का आकलन कर रही है। दो लोगों की मौत और 14 लोगों के घायल होने के बाद राहत एवं चिकित्सा कार्य जारी हैं। प्लांट का कामकाज पूरी तरह कब सामान्य होगा, इसे लेकर अभी स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है।





