विश्व

15 फरवरी तक अपनी 70 फीसद सैन्य शक्ति तैनात कर देगा रूस, युद्ध छिड़ने पर 50 हजार लोगों के मरने की आशंका

Subhi
7 Feb 2022 6:13 AM IST
15 फरवरी तक अपनी 70 फीसद सैन्य शक्ति तैनात कर देगा रूस, युद्ध छिड़ने पर 50 हजार लोगों के मरने की आशंका
x
यूक्रेन पर हमले के लिए रूस अपनी 70 प्रतिशत ताकत (सैनिक और हथियार) इस महीने के मध्य तक तैनात कर देगा। उसके बाद किसी भी दिन रूस हमला कर सकता है। यह आकलन अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलीवान और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का है।

यूक्रेन पर हमले के लिए रूस अपनी 70 प्रतिशत ताकत (सैनिक और हथियार) इस महीने के मध्य तक तैनात कर देगा। उसके बाद किसी भी दिन रूस हमला कर सकता है। यह आकलन अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलीवान और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का है। हमले में 50 हजार लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई है। इनमें 35 हजार यूक्रेन के सैनिक और 10 हजार रूस के सैनिक हो सकते हैं। इस बीच तनाव कम करने पर वार्ता के लिए सोमवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मास्को पहुंच रहे हैं।

कुछ हफ्तों में सैन्य कार्रवाई संभव

रूस की सैन्य तैयारियों पर चर्चा के लिए एकत्र हुए वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कुछ हफ्तों में सैन्य कार्रवाई का आदेश दे देंगे। यह अनुमान रूस के हाल के कदमों और तैयारियों के देखते हुए लगाया गया है।

रूसी परमाणु हथियार बल हुआ सक्रिय

रूस का रणनीतिक परमाणु हथियार बल भी अभ्यास और तैनाती शुरू कर चुका है। माना जा रहा है कि मध्य फरवरी से लेकर मार्च तक कभी भी रूसी कार्रवाई हो सकती है। इस युद्ध में परमाणु हथियार के इस्तेमाल होने की आशंका नहीं है।

बैलेस्टिक मिसाइलों को तैनात कर रहा रूस

हालांकि पश्चिमी देशों को युद्ध से दूर रखने के लिए चेतावनी के तौर पर रूस अपने परमाणु हथियार बल और लंबी दूरी की बैलेस्टिक मिसाइलों को सक्रिय कर रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि युद्ध छिड़ने की स्थिति में वह अपनी सेना को लड़ने के लिए यूक्रेन में नहीं भेजेंगे। ब्रिटेन भी यही बात कह चुका है।

बाइडन ने सैन्य तैनाती बढ़ाने के दिए निर्देश

नाटो के महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने भी साफ कर दिया है कि यूक्रेन नाटो का सदस्य देश नहीं है, इसलिए वहां पर नाटो की सेना लड़ने के लिए नहीं जाएगी लेकिन बाइडन ने नजदीकी देशों पोलैंड और रोमानिया में सैन्य तैनाती बढ़ाने का आदेश दिया है जिससे उसके नाटो सहयोगी देशों की सुरक्षा को कोई खतरा पैदा न हो सके।

पोलैंड में रविवार को 1,700 अमेरिकी सैनिक पहुंच भी गए। ये सैनिक मेजर जनरल क्रिस्टोफर डानवे के नेतृत्व में पहुंचे हैं, जिन्होंने 30 अगस्त, 2021 को अंतिम अमेरिकी सैनिक के रूप में अफगानिस्तान छोड़ा था। पोलैंड में करीब चार हजार अमेरिकी सैनिक पहले से तैनात हैं।

यूक्रेन की मदद कर रहे अमेरिका और सहयोगी देश

अमेरिका और उसके सहयोगी देश यूक्रेन को हथियारों और प्रशिक्षण की मदद कर रहे हैं। साथ ही रूस पर कूटनीतिक दबाव भी बनाए हुए हैं। हमले की स्थिति में रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी भी दे चुके हैं। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुलीवान ने कहा है कि रूस की सैन्य तैयारियों के बीच हम कूटनीति का रास्ता खोले रखेंगे और बातचीत से तनाव कम करने की कोशिश करेंगे।

बेलारूस की ओर से यूक्रेन पर हो सकता है हमला

संकेत है कि हमले की शुरुआत रूसी सीमा से होगी लेकिन ताकतवर हमला बेलारूस की ओर से होगा। बेलारूस सीमा से कीव की दूरी मात्र 75 किलोमीटर है। इसलिए वहां से हमला कर कीव पर आसानी से कब्जा किया जा सकेगा।

यह है रूस की योजना

न्यूयार्क टाइम्स और वाशिंगटन पोस्ट ने आशंका जताई है कि रूस की योजना यूक्रेन पर हमला कर राजधानी कीव पर कब्जा करने की है। इसके बाद वहां पर वह अपनी समर्थक सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इस हमले में 50 हजार लोगों के मारे जाने की आशंका है जिसमें बड़ी संख्या में दोनों देशों के सैनिक होंगे।


Next Story