
वर्ल्ड | रूस की राजधानी मॉस्को में एक बड़ा धमाका हुआ है, जिसमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के काफिले की लिमोजिन कार प्रभावित हुई। यह धमाका एफएसबी (फेडरल सिक्योरिटी सर्विस) मुख्यालय के पास हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। रूसी सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति पुतिन का काफिला सुरक्षा घेरे के बीच मॉस्को की सड़कों से गुजर रहा था, तभी एक कार में तेज विस्फोट हुआ। यह धमाका इतनी जबर्दस्त था कि आसपास की इमारतों के शीशे तक चटक गए। हालांकि, राहत की बात यह है कि पुतिन इस हमले में सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
एफएसबी मुख्यालय के पास क्यों हुआ हमला?
एफएसबी रूस की सबसे सक्रिय खुफिया एजेंसी है, जिसका मुख्यालय मॉस्को में स्थित है। यह एजेंसी रूस की आंतरिक सुरक्षा और विदेशी खतरों से निपटने का काम करती है। ऐसे में एफएसबी मुख्यालय के पास हुए इस हमले ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
कौन है हमले के पीछे?
हालांकि, इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन माना जा रहा है कि इसके पीछे यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों या रूसी असंतुष्ट गुटों का हाथ हो सकता है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से मॉस्को में कई बार हमले हो चुके हैं, जिससे रूस की आंतरिक सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रूस में हाई अलर्ट, जांच जारी
इस धमाके के बाद रूस की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से हाई अलर्ट पर आ गई हैं। मॉस्को के कई हिस्सों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।
पुतिन की सुरक्षा कड़ी
राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा को देखते हुए उनके आने-जाने के रास्तों को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। इसके बावजूद, यह हमला रूसी खुफिया एजेंसियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।





