रूस ने यूक्रेन के साथ जंग के 39वें दिन उसके दक्षिणी बंदरगाह शहर ओडेसा में मिसाइलों से हमला किया। मास्को का दावा है कि उसने यूक्रेन की सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे एक ऑयल रिफाइनरी को मिसाइल हमले से तबाह कर दिया। वहीं पूरी तरह से बर्बाद हो चुके मैरियूपोल से लोगों को निकालने की कोशिशें जारी हैं।
ओडेसा के सिटी काउंसिल ने कहा कि रूस ने मिसाइल हमलों से हमारे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया। दूसरी ओर, रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने ओडेसा में एक ऑयल रिफाइनरी और तीन ईंधन भंडार केंद्रों को नष्ट कर दिया है। रूस का दावा है कि इन केंद्रों का इस्तेमाल माइकोलेइव के नजदीक यूक्रेनी सैनिकों को सप्लाई के लिए किया जा रहा था।
इस बीच, यूक्रेन के साउथ ऑपरेशनल कमांड के अधिकारी व्लादिस्लाव नजरोव ने कहा कि शहर पर कई हमले हुए। ओडेसा शहर के कई इलाकों में आसमान में धुएं का गुबार दिखा। सेंट्रल पोल्टावा इलाके के गवर्नर दिमित्रो लूनिन कहा कि ओडेसा के उत्तरपूर्व 350 किलोमीटर दूर स्थित क्रेमेनचुग ऑयल रिफाइनरी हमले में पूरी तरह से तबाह हो गई।
रूसी सैनिकों ने महिलाओं के साथ किया दुष्कर्म, बच्चों को जलाया
जेलेंस्की के प्रवक्ता सेर्गेई निकीफोरोव ने कहा कि यूक्रेनी सैनिकों को महिलाओं, स्थानीय अधिकारियों और बच्चों के शव मिले हैं। महिलाओं के साथ रूसी सैनिकों ने दुष्कर्म भी किया और इन सभी को जला दिया। पुरुषों की हत्या करने से पहले उन्हें प्रताड़ित किया गया। इसके निशान उनके शरीर पर मिले हैं। उनके हाथ बंधे हुए थे और सिर के पीछे से गोली मारकर उनकी हत्या की गई।
nयूरोपियन यूनियन के विदेश नीति प्रमुख जोसेफ बोरेल ने कहा कि रूसी सैनिकों द्वारा किए गए अत्याचार की खबरों से उन्हें दुख पहुंचा है। यूरोपीय यूनियन युद्ध अपराधों के दस्तावेजीकरण में यूक्रेन की मदद कर रहा है। ब्रिटेन की विदेश मंत्री लीज ट्रस ने कहा कि इरपिन और बुका जैसे शहरों में आक्रमणकारी बलों की करतूतों के बहुत से सुबूत हैं। अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत की किसी भी जांच का लंदन पूर्ण समर्थन करेगा।
रूस-यूक्रेन के बीच आज फिर होगी वार्ता
पांच हफ्तों से भी ज्यादा समय से चल रही जंग खत्म करने के लिए वार्ता का अगला दौर सोमवार को होगा। रूस के मुख्य वार्ताकार व्लादिमीर मेडिंस्की ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच बैठक के लिए कोई मसौदा तैयार नहीं किया गया है। यूक्रेन के वार्ताकार डेविड अरखामिया ने कहा था कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच प्रत्यक्ष वार्ता के लिए काफी प्रगति हुई है। यूक्रेन ने तटस्थ रहने, परमाणु हथियारों को त्यागने, किसी भी सैन्य गुट में शामिल नहीं होने और सैन्य बेस की मेजबानी से इनकार कर ज्यादा यथार्थवाद दिखाया लेकिन रूस की ओर से कोई अहम प्रगति नहीं हुई है।