
Business बिजनेस: शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे मजबूत होकर 95.53 के स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार (फॉरेक्स) में यह तेजी अमेरिका और ईरान के बीच सीज़फायर को 60 दिनों के लिए और बढ़ाने पर बनी सहमति के बाद देखी गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस समझौते से वैश्विक व्यापार मार्गों को लेकर अनिश्चितता कम होने की उम्मीद है।
फॉरेक्स ट्रेडर्स ने बताया कि इस समझौते के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के जरिए तेल और अन्य वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रहने की संभावना बढ़ गई है। साथ ही, दोनों देशों के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत जारी रहने की उम्मीद भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.77 पर खुला। इसके बाद इसमें सुधार देखा गया और शुरुआती कारोबार में यह 95.53 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद स्तर से 5 पैसे की मजबूती को दर्शाता है। हालांकि, दिन के दौरान रुपया थोड़ी अस्थिरता के साथ 95.78 के स्तर तक भी पहुंचा।
गुरुवार को ईद-उल-अज़हा के अवसर पर घरेलू इक्विटी और फॉरेक्स बाजार बंद रहे थे, जिसके चलते उस दिन कोई ट्रेडिंग गतिविधि नहीं हुई। इससे पहले बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे की बढ़त के साथ 95.58 पर बंद हुआ था।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव में नरमी और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सकारात्मक संकेतों ने रुपये को सपोर्ट दिया है। हालांकि, डॉलर की वैश्विक मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में रुपये की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
कुल मिलाकर, विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते रुपये में हल्की मजबूती दर्ज की गई है, लेकिन आगे भी वैश्विक घटनाक्रम पर इसकी चाल काफी हद तक निर्भर रहेगी।





