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रिपोर्ट में खुलासा : CIA ने रची थी जूलियन असांजे को जान से मारने की साजिश , प्लेन के टायर पर गोली मारने तक की कर ली थी तैयारी

Renuka Sahu
30 Sep 2021 4:25 AM GMT
रिपोर्ट में खुलासा : CIA ने रची थी जूलियन असांजे को जान से मारने की साजिश , प्लेन के टायर पर गोली मारने तक की कर ली थी तैयारी
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फाइल फोटो 

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में सेंट्रल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को जान से मारने की साजिश रची थी.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के कार्यकाल में सेंट्रल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) ने विकिलीक्स (Wikileaks) के संस्थापक जूलियन असांजे (Julian Assange) को जान से मारने की साजिश रची थी. याहू न्यूज की एक इंवेस्टिगेटिव रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है. इस रिपोर्ट में अमेरिका के 30 पूर्व अधिकारियों का इंटरव्यू किया गया. साल 2017 में यह कयास लगाए जा रहे थे कि असांजे लंदन से रूस भागने की कोशिश कर सकते हैं. अमेरिका ने तैयारी की थी कि अगर वे भागने की कोशिश करते हैं, तो सीआईए एजेंट्स प्लेन के टायरों को भी गोली से उड़ा सकते हैं.

विकिलीक्स ने किया था अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स को लीक
2016 में असांजे की विकिलीक्स ने सीआईए के कई खुफिया और गोपनीय रिपोर्ट्स को लीक कर दिया था. इसे सीआईए के इतिहास की सबसे बड़े लीक्स में गिना जाता है. ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद 2017 में भी विकिलीक्स ने वॉल्ट-7 प्रोग्राम के जरिए लगातार फाइलों को लीक करना जारी रखा. इसके बाद तत्कालीन सीआईए डायरेक्टर माइक पॉम्पियो ने असांजे को मारने या किडनैप करने की साजिश रची.
जेम्स बॉन्ड फिल्म से भी प्रेरित थी साजिश
असांजे को मारने की योजना जेम्स बॉन्ड फिल्म से भी प्रेरित थी. इसके तहत सीआईए के एजेंट्स को लंदन की सड़कों पर गोलीबारी करते हुए असांजे को ले जा रही गाड़ी को किसी दूसरी कार से दुर्घटनाग्रस्त करना था. पूर्व अधिकारी के मुताबिक, इस प्लान में मदद के लिए ब्रिटिश अधिकारियों से भी संपर्क किया गया था, जिस पर उन्होंने सहमति मिल गई थी.
आपको बता दें कि असांजे उस वक्त इक्वाडोर दूतावास में मौजूद थे. फिलहाल वे लंदन की बेलमर्श जेल में बंद हैं. जासूसी के आरोप में अमेरिका प्रत्यर्पण की लड़ाई लड़ रहे हैं.
विकिलीक्स ने पहली बार साल 2010 में अमेरीकी सेना और सीआईए के हजारों पन्नों के दस्तावेजों को लीक कर दिया था जिसमें सीआईए की हैकिंग तकनीकों के बारे में ब्योरा दिया गया था. साल 2012 में असांजे ने इक्वाडोर के लंदन स्थित दूतावास मे शरण ली थी. तभी से असांजे के प्रत्यर्पण को लेकर विवाद जारी है. उस वक्त बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति और जो बाइडन उपराष्ट्रपति हुआ करते थे. ओबामा प्रशासन का मानना था कि असांजे ने जो भी किया वह अमेरीकी संविधान में पत्रकारों को दी गई सुरक्षा से काफी मेल खाता है.
2016 के राष्ट्रपति चुनावों में किया था हिलेरी क्लिंटन का मेल हैक
विकिलीक्स ने साल 2016 के राष्ट्रपति चुनावों में हिलेरी क्लिंटन के मेल हैक कर भी काफी सुर्खियां बटोरी थी, कई का मानना है की हिलेरी की हार में इन मेल का लीक होना एक बड़ा कारण रहा था. इसके बाद साल 2017 में विकिलीक्स ने वॉल्ट 7 के तहत ट्रंप प्रशासन से जुड़ी फाइलें लीक की, जिसके बाद असांजे पर कई आपराधिक मुकदमें दर्ज किए गए.
इस पूरे मामले में असांजे के वकील बैरी पोलाक ने कहा, 'एक अमेरिकी नागरिक होने के नाते मेरे लिए यह हैरान कर देने बाली बात है कि सरकार किसी इंसान को को बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया के किडनैप करने या मारने का प्लान कर रही है. वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि उसने लोगों के सामने सच्चाई रखी.'
ट्रंप ने आरोपों को झूठा करार दिया
मामले पर पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने इन दावों को झूठा और निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि उनकी ओर से कभी ऐसा आदेश नहीं दिया गया, जिसमें असांजे को मारने का जिक्र हो. बल्कि उन्हें तो ऐसा लगता है कि असांजे ने काफी बुरा बर्ताव झेला है.


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