सम्पादकीय

भारतीय आईआईटी पेशेवरों को राहत

Gulabi
3 April 2021 2:43 PM GMT
भारतीय आईआईटी पेशेवरों को राहत
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के सत्ता में आने के बाद भारत के प्रति उनके रवैये को लेकर लगभग सभी आशंकाएं दूर हो गई हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के सत्ता में आने के बाद भारत के प्रति उनके रवैये को लेकर लगभग सभी आशंकाएं दूर हो गई हैं। बाइडेन ने विदेशी कामगारों के वीजा, खास तौर से एच-I बी वीजा पर लगे प्रतिबंधों की अवधि को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही उनके पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस संबंध में जारी अधिसूचना को समाप्त कर दिया है। दरअसल ट्रंप ने इस तरह के वीजा पर 31 मार्च तक रोक लगाई थी, जिससे भारतीय आईआईटी प्रोफेशनल्स सर्वाधिक प्रभावित हुए थे। अब रोक हटा लिए जाने से लाखों भारतीयों को फायदा मिलेगा। इस वीजा के लिए सबसे ज्यादा आवेदक भारतीय ही हैं।


अमेरिका में कार्यरत कम्पनियों को यह वीजा ऐसे कुशल कर्मचारियों को रखने के लिए दिया जाता है जिनकी अमेरिका में कमी हो। एच-I बी वीजा अमेरिकी कम्पनियों को कुछ व्यवसायों के लिए विदेशी श्रमिकों को नियुक्त करने की अनुमति देता है, जहां सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। प्रौद्योगिकी कम्पनियां भारत और चीन जैसे देशों से प्रत्येक वर्ष हजारों कर्मचारियों को ​िनयुक्त करने के लिए इस वीजा पर निर्भर हैं। इस वीजा के लिए कुछ शर्तें भी हैं, जैसे इसे पाने वाले व्यक्ति को स्नातक होने के साथ-साथ किसी एक क्षेत्र में विशेष योग्यता हासिल होनी चाहिए। साथ ही इसे पाने वाले कर्मचारी की सैलरी कम से कम 60 हजार डालर यानी करीब 40 लाख रुपए सालाना होनी चा​हिए।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पद पर रहते संरक्षणवादी नीतियां अपनाईं और कई ऐसे कदम उठाए जिसमें भारतीय काफी प्रभावित हुए। यद्यपि ट्रंप के समय भारत-अमेरिका संबंध काफी मजबूत हुए लेकिन ट्रंप ने संरक्षणवादी नीतियां अपना कर भारत को झटका भी दिया था। ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर टैक्स भी लगा दिया था और यह कहा था कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर भी काफी टैक्स लगाता है। ट्रंप ने पिछले वर्ष कोरोना संकट और देश व्यापी लॉकडाउन के बीच एच-I बी वीजा सहित कई अस्थाई या गैर प्रवासी वीजा आवेदकों के अमेरिका में प्रवेश को रोक दिया था। ट्रंप ने दलील दी थी कि आर्थिक गतिविधियों में सुधार के दौरान ये वीजा अमेरिकी श्रम बाजार के लिए एक जोखिम है। उन्होंने बाद में इस अधिसूचना को 31 मार्च, 2021 तक बढ़ा दिया था।

इससे पहले जो बाइडेन ने अपना पद सम्भालने के बाद 7वें दिन ही एच-I बी वीजा धारकों को बड़ी राहत दी थी। उन्होंने अमेरिका में चार वर्ष से ज्यादा वक्त रहने वाले एच-I बी वीजा धारकों के जीवन साथी को भी अमेरिका में रह कर काम करने की छूट प्रदान की थी। डोनाल्ड ट्रंप ने वीजा धारकों के जीवन साथी के अमेरिका में काम करने पर रोक लगा दी थी लेकिन बाद में उन्होंने फैसला पलट दिया था।

राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडेन ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लिए गए दर्जनों फैसलों को पलटा है। इन फैसलों में इमीग्रेशन पॉलिसी और मुस्लिम वीजा बैन को लेकर भी थे। वहीं बाइडेन प्रशासन ने ग्रीन कार्ड को लेकर भी फैसला किया।

अमेरिका में इस समय लगभग 5 लाख ऐसे भारतीय रहते हैं जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं और इस कानून के बन जाने से उनके लिए नागरिकता के दरवाजे भी खुल गए। ग्रीन कार्ड के लिए पिछले दस वर्षों से ज्यादा वक्त से इंतजार कर रहे भारतीयों को अमेरिकी नागरिकता बेहद आसानी से मिल जाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के चुनाव में 85 फीसदी भारतीयों ने उनके पक्ष में मतदान ​किया था और अब उन्होंने भारतीयों को बड़ा तोहफा दिया है। बाइडेन प्रशासन भारत के साथ मजबूत संबंध बनाने का पक्षधर है। वहीं दोनों स्थिर हिन्द प्रशांत क्षेत्र के लिए एक-दूसरे की ताकत बन रहे हैं। हाल ही में अमेरिकी प्रशासन ने अंतरिम राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें कहा गया है कि बाइडेन प्रशासन अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करना जारी रखने को उच्च प्राथमिकता देगा। अमेरिका प्रशासन ने पिछले महीने ही भारत के 'लोकतंत्र मूल्य' के साथ केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सिलसिलेवार तरीके से पूर्ण रूप से आर्थिक और राजनीतिक बहाली के कदमों का स्वागत किया था। भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती इस बात पर निर्भर है कि दोनों देश एक-दूसरे के ​हितों को देखते हुए काम करें। बाइडेन प्रशासन के फैसलों से अप्रवासी भारतीयों के हितों की रक्षा हुई तो इससे बड़ी खुशी की बात कोई और हो नहीं सकती।
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