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लावरोव के साथ तस्वीर से इनकार, जी-20 बैठक में ग्रुप फोटो रद्द

nidhi
31 Oct 2026 7:37 AM IST
लावरोव के साथ तस्वीर से इनकार, जी-20 बैठक में ग्रुप फोटो रद्द
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यूरोपीय देशों के विरोध के बाद फोटो सेशन रद्द
अटलांटा: अमेरिका के अटलांटा में आयोजित जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक की शुरुआत कूटनीतिक विवाद के बीच हुई। कई यूरोपीय प्रतिनिधियों ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ सामूहिक तस्वीर खिंचवाने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद मेजबान अमेरिका ने पारंपरिक ग्रुप फोटो का कार्यक्रम रद्द कर दिया। कुछ प्रतिनिधिमंडलों ने फोटो सेशन से बाहर रहने का संकेत दिया था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विवाद को बैठक की मुख्य चर्चाओं पर हावी होने से रोकने के लिए यह निर्णय लिया।
शुक्रवार, 30 अक्टूबर को शुरू हुई बैठक में रूस की मौजूदगी को लेकर असहमति सामने आई। उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सामूहिक तस्वीर को आम तौर पर प्रतिभागियों की साझा भागीदारी के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। हालांकि, इस बार रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण कई देशों के लिए लावरोव के साथ तस्वीर में दिखना राजनीतिक संदेश से जुड़ा प्रश्न बन गया। फोटो कार्यक्रम हटाए जाने के बावजूद विदेश मंत्रियों की बैठक और निर्धारित चर्चाएं आगे बढ़ीं।
रॉयटर्स के मुताबिक, एक पश्चिमी राजनयिक ने बताया कि लगभग एक-तिहाई प्रतिभागियों ने रूसी विदेश मंत्री के साथ तस्वीर खिंचवाने का विरोध किया था। इनमें यूरोपीय प्रतिनिधियों के अलावा ऑस्ट्रेलिया और कनाडा भी शामिल थे। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि विदेश विभाग नहीं चाहता था कि फोटो कार्यक्रम विवाद का प्रदर्शन बन जाए और बैठक के एजेंडे से ध्यान भटके। इसीलिए उसे आधिकारिक कार्यक्रम से हटाने का फैसला लिया गया।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, आयोजकों ने विवाद सुलझाने के लिए दो अलग-अलग सामूहिक तस्वीरें लेने का विकल्प भी तलाशा था। इनमें एक तस्वीर लावरोव के साथ और दूसरी उनके बिना लेने का विचार था। हालांकि, अंततः पूरा कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। अमेरिकी पक्ष का कहना था कि एक औपचारिक फोटो अवसर को कूटनीतिक व्यवधान बनने देने के बजाय जी-20 की ठोस चर्चाओं और साझा प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित रखना बेहतर होगा।
जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने बैठक से पहले रूस को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय साझेदारों और लावरोव की साझा ‘फैमिली फोटो’ नहीं हो सकती, क्योंकि रूस के साथ संबंध सामान्य नहीं हैं। साथ ही उन्होंने बातचीत की जरूरत भी स्वीकार की। उनका कहना था कि विवादित मुद्दों को बैठक की मेज पर उठाया जाना चाहिए और ऐसा संकेत नहीं दिया जाना चाहिए, जिससे परिस्थितियां वास्तविकता से अधिक सामान्य दिखाई दें।
ब्रिटेन की ओर से भी रूसी विदेश मंत्री के साथ आधिकारिक तस्वीर में शामिल होने पर आपत्ति सामने आई। ब्रिटिश सरकारी सूत्र के अनुसार, यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूसी मंत्रियों के साथ प्रत्यक्ष द्विपक्षीय संपर्क को लेकर ब्रिटेन की नीति पहले से स्पष्ट रही है। ब्रिटिश पक्ष ने कहा कि अटलांटा में उसका ध्यान उन वैश्विक चुनौतियों पर है, जिनसे घरेलू स्तर पर लोगों की लागत बढ़ रही है।
ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप फोटो रद्द करने के अमेरिकी निर्णय का समर्थन किया। विदेश मंत्री पेनी वोंग के प्रवक्ता ने कहा कि उनका देश यूक्रेन पर रूस के आक्रमण को सामान्य स्थिति के रूप में स्वीकार नहीं करेगा। ऑस्ट्रेलियाई पक्ष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों पर काम जारी रखने की जरूरत भी बताई। इससे स्पष्ट हुआ कि फोटो को लेकर विरोध के साथ-साथ प्रतिनिधिमंडल बैठक में अपनी भागीदारी और नीतिगत संवाद बनाए रखने के पक्ष में थे।
पोलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने भी फोटो कार्यक्रम रद्द करने को उचित बताया। उन्होंने कहा कि लावरोव के साथ तस्वीर नहीं खिंचवाने की इच्छा रखने वाले वह अकेले व्यक्ति नहीं हैं। उनकी प्रतिक्रिया ने रूस की उपस्थिति को लेकर कई प्रतिनिधियों की असहजता सामने रखी। इस विवाद की पृष्ठभूमि में यूक्रेन युद्ध और रूस के साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों को किस स्तर पर सामान्य रखा जाए, इस पर जारी मतभेद हैं।
बैठक की शुरुआत करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने देशों से साझा चुनौतियों पर मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने वैश्विक ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति, आपूर्ति शृंखलाओं, व्यापार तथा नौवहन की स्वतंत्रता पर बढ़ते दबाव का उल्लेख किया। परस्पर जुड़ी आर्थिक और भू-राजनीतिक समस्याएं वैश्विक आर्थिक व्यवस्था की बुनियाद के लिए गंभीर खतरे पैदा कर रही हैं। अमेरिका ने इन विषयों पर संवाद को बैठक की प्राथमिकता बताया।
हालांकि, प्रतिनिधिमंडलों के बीच मतभेद केवल सामूहिक तस्वीर तक सीमित नहीं हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष के अलावा पश्चिम एशिया की स्थिति, व्यापार संबंधी तनाव और ऊर्जा सुरक्षा जैसे विषय भी कठिन बातचीत की पृष्ठभूमि बना रहे हैं। शुरुआती सत्र में शामिल राजनयिकों ने माहौल को सौहार्दपूर्ण बताया, लेकिन विवादित मुद्दों पर सहमति को चुनौतीपूर्ण माना। संयुक्त बयान की संभावना को लेकर जताए गए संदेह को अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता, क्योंकि बातचीत जारी थी।
ग्रुप फोटो रद्द होने से जी-20 के भीतर मौजूद राजनीतिक दूरी सार्वजनिक रूप से दिखाई दी है। फिर भी विभिन्न पक्ष एक ही मंच पर बातचीत कर रहे हैं। फिलहाल पुष्टि किया गया घटनाक्रम यह है कि लावरोव के साथ तस्वीर को लेकर आपत्तियों के बाद अमेरिका ने फोटो सेशन हटाया और बैठक जारी रखी। आगे की चर्चाओं से तय होगा कि प्रतिनिधिमंडल साझा आर्थिक प्राथमिकताओं पर कितना सहयोग और विवादित मुद्दों पर कितनी सहमति बना पाते हैं।
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