विश्व
ताजिकिस्तान में राजनाथ सिंह ने बताया भारत की आर्थिक तरक्की का राज
Ratna Netam
20 Oct 2026 9:40 PM IST

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नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक प्रगति और बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत 7.2 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही हैं, लेकिन भारत अपनी मजबूत आर्थिक नीतियों और नागरिकों की मेहनत के बल पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए ताजिकिस्तान पहुंचे हैं। वर्ष 2021 के बाद यह उनकी इस मध्य एशियाई देश की दूसरी यात्रा है। दुशांबे में भारतीय प्रवासियों की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उन्होंने देश की आर्थिक उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया।
पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारत की आर्थिक प्रगति
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और निवेश जैसे क्षेत्रों में अनिश्चितता बनी हुई है।उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक विकास दर को मजबूत बनाए रखा है।रक्षा मंत्री के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था 7.2 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रही है। उन्होंने इसे देश की आर्थिक क्षमता और नागरिकों की मेहनत का परिणाम बताया।हालांकि, 7.2 प्रतिशत की विकास दर उनके संबोधन में प्रस्तुत आंकड़ा है। किसी विशिष्ट वित्त वर्ष के अंतिम आधिकारिक विकास दर आंकड़े के रूप में इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
एक समय भारत की अर्थव्यवस्था पर उठते थे सवाल
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय ऐसा था जब दुनिया के कई लोग भारतीय अर्थव्यवस्था की क्षमता को लेकर संदेह व्यक्त करते थे।उन्होंने कहा कि उस दौर में यह धारणा थी कि भारत आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति नहीं कर पाएगा।लेकिन भारतीय नागरिकों की मेहनत, दृढ़ संकल्प और उद्यमशीलता ने परिस्थितियों को बदल दिया।रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने आर्थिक विकास के साथ तकनीक, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी अपनी उपस्थिति मजबूत की है।उन्होंने भारतीय समुदाय से कहा कि देश की उपलब्धियों के पीछे करोड़ों नागरिकों का योगदान है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत के योगदान का किया उल्लेख
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि दुनिया की कुल आबादी में भारत की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत है, जबकि वैश्विक आर्थिक विकास में भारत का योगदान करीब 16 प्रतिशत है।उन्होंने इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि वैश्विक आर्थिक विकास में योगदान और विश्व की कुल अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी दो अलग-अलग आर्थिक मापदंड हैं।
NDA सरकार के कार्यकाल में बढ़ी भारत की प्रतिष्ठा
राजनाथ सिंह ने दावा किया कि वर्तमान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है।उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक मुद्दों पर अपनी बात अधिक मजबूती के साथ रख रहा है।रक्षा मंत्री के अनुसार, देश की आर्थिक क्षमता, राजनीतिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ने भारत की वैश्विक भूमिका को विस्तार दिया है।उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की उपलब्धियां और विदेशों में रहने वाले भारतीयों का योगदान भी देश की पहचान को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
ताजिकिस्तान में भारतीय समुदाय से मुलाकात
राजनाथ सिंह ने दुशांबे में भारतीय प्रवासियों द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय समुदाय से संवाद किया।ताजिकिस्तान पहुंचने पर उनका स्वागत भारतीय समुदाय के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने किया था। कुछ स्थानीय नागरिकों ने हिंदी में उनका अभिवादन भी किया।भारतीय संस्कृति और भाषा के प्रति स्थानीय लोगों के लगाव ने दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को उजागर किया।
SCO बैठक में भी भारत ने रखा अपना पक्ष
ताजिकिस्तान यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन की 25वीं शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में हिस्सा लिया।इस बैठक में उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई, क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।उन्होंने कहा कि आतंकवाद शांति और विकास के लिए गंभीर खतरा है। इसके खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार का दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए।रक्षा मंत्री ने सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, निवेश और संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया।
भारतीयों की मेहनत को बताया देश की ताकत
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने देश की प्रगति का श्रेय नागरिकों की मेहनत और दृढ़ संकल्प को दिया।उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियां भविष्य में भी बनी रह सकती हैं, लेकिन भारत के पास आर्थिक विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने की क्षमता है।ताजिकिस्तान में उनका संबोधन भारत की आर्थिक प्रगति, वैश्विक भूमिका और प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान पर केंद्रित रहा।
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