विश्व

अमेरिका-ब्रिटेन की तकनीक पर उठे सवाल

Saba Naaz
13 July 2026 9:23 PM IST
अमेरिका-ब्रिटेन की तकनीक पर उठे सवाल
x

मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच रूस ने यूक्रेन के एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से संचालित एफपीवी ड्रोन बरामद करने का दावा किया है। रूस के अनुसार, ये ड्रोन पश्चिमी देशों में तैयार किए गए हैं और इनका इस्तेमाल रूसी सैन्य ठिकानों पर हमलों के लिए किया जा रहा था।

रूसी खुफिया एजेंसी एफएसबी ने सोमवार को जानकारी दी कि उसने यूक्रेन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कुछ अत्याधुनिक ड्रोन पकड़े हैं। एजेंसी के मुताबिक, ये ड्रोन यूक्रेन से रूस में गुप्त तरीके से भेजे गए थे और इन्हें आगे रूसी क्षेत्रों में पहुंचाने की योजना थी।

एफएसबी के अनुसार, बरामद किए गए ड्रोन रूस के यूक्रेन सीमा से लगे ब्रियांस्क क्षेत्र से मिले हैं। जांच में सामने आया कि इन ड्रोन को घरेलू सामान बताकर ट्रकों के माध्यम से चेल्याबिंस्क क्षेत्र तक पहुंचाने की तैयारी थी। सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते कार्रवाई कर इस योजना को नाकाम कर दिया।

रूस का कहना है कि ये एफपीवी यानी फर्स्ट पर्सन व्यू ड्रोन आधुनिक तकनीक से लैस हैं। इनमें एआई आधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इन्हें अधिक सटीक तरीके से लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद मिलती है। ऐसे ड्रोन युद्ध के मैदान में कम लागत और तेज हमले की क्षमता के कारण तेजी से इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन पहले भी लंबी दूरी तक हमला करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करता रहा है। रूस ने दावा किया है कि साइबेरिया में स्थित एक बड़ी रिफाइनरी पर किया गया हमला भी इसी तरह के ड्रोन से किया गया था। यह हमला करीब 2700 किलोमीटर की दूरी तय कर किया गया था, जिसे युद्ध के दौरान यूक्रेन की ओर से किए गए सबसे दूर के हमलों में गिना गया।

रूस में मिले ड्रोन को लेकर अधिकारियों का कहना है कि इनमें फिक्स्ड विंग और बैलून से जुड़े डिजाइन जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। ऐसे ड्रोन पारंपरिक ड्रोन की तुलना में अधिक दूरी तय करने और निगरानी से बचने में सक्षम हो सकते हैं।

रूस ने आरोप लगाया है कि इन हथियारों में पश्चिमी देशों की तकनीकी सहायता का इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि, इन दावों को लेकर यूक्रेन या संबंधित पश्चिमी देशों की ओर से तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

युद्ध में ड्रोन की भूमिका पिछले कुछ समय में काफी बढ़ गई है। रूस और यूक्रेन दोनों ही पक्ष निगरानी, लक्ष्य पहचान और हमलों के लिए ड्रोन तकनीक का व्यापक उपयोग कर रहे हैं। एआई आधारित ड्रोन आने वाले समय में सैन्य रणनीतियों को और बदल सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, एआई तकनीक से लैस ड्रोन युद्ध में मानव हस्तक्षेप को कम कर सकते हैं और लक्ष्य तक पहुंचने की क्षमता बढ़ा सकते हैं। हालांकि, इनके इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियमों से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं।

रूस-यूक्रेन संघर्ष अब केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें साइबर तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक ड्रोन सिस्टम जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। रूस द्वारा यूक्रेनी एआई ड्रोन पकड़े जाने का दावा इसी बदलते युद्ध स्वरूप को दर्शाता है।

Next Story