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Pakistan-Israel मान्यता पर सवाल टला, इशाक डार और मार्को रुबियो की मुलाकात चर्चा में

Kavita2
30 May 2026 9:59 AM IST
Pakistan-Israel मान्यता पर सवाल टला, इशाक डार और मार्को रुबियो की मुलाकात चर्चा में
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Pakistan पाकिस्तान : पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुलाकात के दौरान एक पत्रकार द्वारा पूछा गया सवाल चर्चा का विषय बन गया। रिपोर्टर ने सीधे तौर पर पूछा, “क्या पाकिस्तान इज़राइल को मान्यता देगा?” हालांकि, इस अहम सवाल पर दोनों नेताओं ने कोई जवाब नहीं दिया और बातचीत की जगह से आगे बढ़ गए।

यह घटना उस समय हुई जब दोनों देशों के शीर्ष राजनयिक एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। जैसे ही यह संवेदनशील सवाल पूछा गया, दोनों अधिकारियों ने इसे अनसुना कर दिया और बिना प्रतिक्रिया दिए आगे निकल गए। इस पल का वीडियो और जानकारी अंतरराष्ट्रीय मीडिया में तेजी से चर्चा में आ गई है।

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान का रुख इज़राइल को मान्यता देने के मुद्दे पर पहले की तरह ही सख्त बना हुआ है। पाकिस्तान लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि वह इज़राइल को मान्यता देने या अब्राहम समझौते (Abraham Accords) में शामिल होने के पक्ष में नहीं है।

इस्लामाबाद का कहना है कि उसकी नीति फिलिस्तीन मुद्दे के समाधान पर आधारित है। पाकिस्तान के अनुसार, किसी भी संभावित बदलाव की शर्त यह होगी कि 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना हो, जिसकी राजधानी पूर्वी यरुशलम हो।



पाकिस्तानी विदेश नीति लंबे समय से इस रुख पर कायम है और कई मौकों पर देश ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिलिस्तीन के समर्थन को दोहराया है। इसी कारण इज़राइल के साथ औपचारिक संबंध स्थापित करने का मुद्दा पाकिस्तान की विदेश नीति में बेहद संवेदनशील माना जाता है।

वहीं, अमेरिका लगातार मध्य पूर्व में शांति और कूटनीतिक संबंधों के विस्तार के लिए अब्राहम समझौते जैसे प्रयासों को आगे बढ़ाने की कोशिश करता रहा है। ऐसे में पाकिस्तान का रुख और उसकी संभावित भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा होती रहती है।

इस मुलाकात के दौरान पूछे गए सवाल और उसे नजरअंदाज किए जाने के बाद एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान फिलहाल अपने मौजूदा रुख में किसी बदलाव के संकेत नहीं दे रहा है।

फिलहाल इस मुद्दे पर दोनों देशों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह घटना वैश्विक कूटनीतिक चर्चाओं में जरूर सुर्खियों में बनी हुई है।

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