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पैगंबर मोहम्मद पर भाजपा नेताओं के विवादित बयान को लेकर कतर, कुवैत, बहरीन का फूटा गुस्सा, जानें भारत के साथ कैसे हैं रिश्ते

Renuka Sahu
6 Jun 2022 12:50 AM GMT
Qatar, Kuwait, Bahrain angry over controversial statement of BJP leaders on Prophet Mohammad, know how are relations with India
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फाइल फोटो 

पैगंबर मोहम्मद को लेकर भाजपा नेताओं के विवादित बयान को लेकर खाड़ी देशों का गुस्सा फूटा है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। पैगंबर मोहम्मद को लेकर भाजपा नेताओं के विवादित बयान को लेकर खाड़ी देशों का गुस्सा फूटा है। भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा और दिल्ली मीडिया प्रभारी नवीन कुमार जिंदल को पार्टी से निष्कासित किया गया है। वहीं कतर, कुवैत, बहरीन और ईरान समेत कई देशों ने इन बयानों पर ऐतराज जताते हुए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है।

कतर और कुवैत ने भारत के राजदूत को तलब कर नोट दिया जिसमें कहा गया है कि बयान आपत्तिजनक और मुस्लिमों के लिए अपमानजनक है। वहीं कतर ने आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर भी चिंता जताई है। बताते चलें कि नूपुर शर्मा ने ज्ञानवापी मामले में डिबेट के दौरान एक टीवी चैनल पर पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी की थी। वहीं नवीन कुमार जिंदल ने ट्वीट किया था जिसपर बवाल हो गया।
भारतीय दूतावास की तरफ से कहा गया कि भारत की तरफ से साफ कर दिया गया है कि ये बयान भारत सरकार के विचारों को नहीं दर्शाते हैं। वहीं जब तेहरान में जब भारतीय दूतावास में आपत्ति दर्ज कराई गई तो भारत ने कहा कि ऐसा बयान देने वाले लोग भारत सरकार में किसी आधिकारिक पद पर नहीं हैं और पार्टी से भी उन्हें निष्कासित कर दिया गया है।
कैसे हैं इन देशों से रिश्ते, भारत के लिए क्यों अहम
खाड़ी के इन देशों में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं। इन देशों में जितने प्रवासी कामगार हैं उनमें से 30 फीसदी भारतीय हैं। इस वजह से भारत में विदेश से जो धन आता है उसमें खाड़ी देशों से आने वाला धन सबसे ज्यादा है। आंकड़े बताते हैं कि पश्चिमी एशिया मे लगभाग 80 लाख भारतीय रहते हैं।
खाड़ी देशों में भारत की तकनीक, निर्माण, फाइनेंस और होटल से जुड़ी कई कंपनियां हैं। खाड़े देशों केसाथ भारत के व्यापारिक संबंध भी अच्छे हैं। ओमान में भारत का एक एयरबेस और तीन नौसेना बेस हैं। भारत के साथ खड़ा देशों के संबंध अच्छे रहे हैं। देश से बाहर भारत पहला आईआईटी यूएई में बनाएगा। वहीं ओआईसी में खाड़ी देश हमेशा भारत का पक्ष रखते रहे हैं।

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