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रूस चुनाव में पुतिन की पार्टी को बढ़त 355 सीटों पर जीत का दावा

Ratna Netam
21 Sept 2026 8:33 PM IST
रूस चुनाव में पुतिन की पार्टी को बढ़त 355 सीटों पर जीत का दावा
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मॉस्को। रूस में तीन दिन तक चले राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्ताधारी पार्टी **यूनाइटेड रशिया** ने बड़ी जीत दर्ज की है। यूरोन्यूज़ की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, 450 सीटों वाली **स्टेट ड्यूमा (रूसी संसद)** में यूनाइटेड रशिया ने 355 सीटें हासिल की हैं।यह चुनाव रूस द्वारा 2022 में यूक्रेन में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू करने के बाद पहला संसदीय चुनाव था। चुनाव परिणामों के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, सत्ताधारी पार्टी ने संसद में मजबूत बहुमत हासिल किया है।
यूनाइटेड रशिया को मिला भारी बहुमत
लगभग सभी वोटों की गिनती पूरी होने के बाद सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, यूनाइटेड रशिया पार्टी ने 355 सीटों पर जीत दर्ज की है।रिपोर्ट के अनुसार, यह संख्या 2016 के चुनाव में मिली 343 सीटों से भी अधिक है। इस बढ़त के साथ पार्टी को संसद में मजबूत पकड़ बनाए रखने में मदद मिलेगी।राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में यूनाइटेड रशिया पार्टी रूस की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली स्थिति में रही है।
विपक्षी दलों की सीमित मौजूदगी
रिपोर्ट के अनुसार, इस चुनाव में पुतिन की आलोचना करने वाली कई विपक्षी राजनीतिक ताकतें चुनावी मैदान में मौजूद नहीं थीं।इसके चलते यूनाइटेड रशिया को संसद में बड़ी बढ़त मिली। चुनाव प्रक्रिया और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को लेकर विपक्षी समूहों और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की ओर से समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
मतदान प्रतिशत 59 प्रतिशत से अधिक
रूस की केंद्रीय चुनाव आयोग प्रमुख एला पमफिलोवा ने बताया कि इस बार मतदान प्रतिशत 59 प्रतिशत से अधिक रहा।उन्होंने मतदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि लोगों ने देश पर डाले जा रहे “मानसिक दबाव” के बावजूद चुनाव में हिस्सा लिया।उन्होंने बताया कि 95 प्रतिशत से अधिक मतों की गिनती पूरी हो चुकी है और आधिकारिक अंतिम परिणाम सप्ताह के अंत तक जारी किए जाने की उम्मीद है।
अन्य दलों का प्रदर्शन
स्टेट ड्यूमा की अन्य सीटों के बंटवारे में कम्युनिस्ट पार्टी दूसरे स्थान पर रही। रिपोर्ट के अनुसार, कम्युनिस्ट पार्टी को 40 सीटें मिली हैं।इसके अलावा राष्ट्रवादी पार्टी **LDPR** ने 25 सीटें हासिल कीं, जबकि **न्यू पीपुल पार्टी** को 20 सीटें मिलीं।इन दलों की मौजूदगी संसद में बनी रहेगी, लेकिन यूनाइटेड रशिया के बड़े बहुमत के कारण सत्ता संतुलन में बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है।
पुतिन की पार्टी का लंबे समय से दबदबा
यूनाइटेड रशिया पार्टी 2000 के दशक की शुरुआत से ही रूस की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाती रही है।व्लादिमीर पुतिन 1999 की नए साल की पूर्व संध्या के बाद से रूस की सत्ता में प्रभावशाली भूमिका में बने हुए हैं। पार्टी को उनके राजनीतिक समर्थन का प्रमुख आधार माना जाता है।
चुनाव के दौरान ड्रोन हमले
चुनाव के अंतिम दिन रविवार को मॉस्को और आसपास के क्षेत्रों में यूक्रेन की ओर से बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए जाने की जानकारी सामने आई।रूसी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में दो लोगों की मौत हुई और एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई।रूसी अधिकारियों ने इन हमलों को यूक्रेन से जोड़कर बताया, हालांकि इस संबंध में यूक्रेन की ओर से प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर रहा ध्यान
रूस में चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। यूक्रेन संघर्ष के बीच आयोजित इस चुनाव को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहीं।ड्रोन हमलों की घटनाओं के बाद भी मतदान प्रक्रिया जारी रही और चुनाव आयोग ने प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनाव पर नजर
रूस का यह संसदीय चुनाव यूक्रेन युद्ध और बदलते वैश्विक राजनीतिक माहौल के बीच हुआ है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसके परिणामों पर नजर रखी गई।यूनाइटेड रशिया की जीत से राष्ट्रपति पुतिन के राजनीतिक प्रभाव को मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।
अंतिम परिणाम का इंतजार
हालांकि शुरुआती नतीजों में यूनाइटेड रशिया को बड़ी बढ़त मिल चुकी है, लेकिन आधिकारिक अंतिम परिणाम चुनाव आयोग की ओर से घोषित किए जाने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।फिलहाल शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि रूस की संसद में सत्ताधारी पार्टी का दबदबा कायम रहने वाला है।
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