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हर अमेरिकी को ₹4.76 लाख देने का वादा, ट्रंप ने रखी ये शर्त

jantaserishta.com
10 Sept 2026 12:43 PM IST
हर अमेरिकी को ₹4.76 लाख देने का वादा, ट्रंप ने रखी ये शर्त
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नई दिल्ली: क्या अमेरिका में हर बालिग नागरिक के बैंक खाते में करीब 5 लाख रुपये पहुंच सकते हैं? राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मिडटर्म चुनाव से पहले ऐसा ही बड़ा ऐलान किया है। ट्रम्प के मुताबिक, अगर नवंबर के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में अपना बहुमत बरकरार रखती है, तो हर बालिग अमेरिकी को 5 हजार डॉलर यानी करीब 4.76 लाख रुपये दिए जाएंगे। ट्रम्प ने इसे ‘ट्रम्प डिविडेंड’ नाम दिया है।
रिपब्लिकन की जीत से जोड़ा गया 5000 डॉलर का भुगतान
डोनाल्ड ट्रम्प ने डलास में आयोजित रिपब्लिकन कन्वेंशन को संबोधित करते हुए इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगर रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में जीत हासिल करती है, तो अमेरिकी नागरिकों को 5 हजार डॉलर का भुगतान किया जाएगा।
ट्रम्प ने इस रकम को अमेरिका की आर्थिक ताकत और सफलता से जोड़ते हुए इसे ‘डिविडेंड’ बताया। हालांकि, उनके ऐलान में अभी कई अहम सवालों के जवाब साफ नहीं हैं। यह स्पष्ट नहीं किया गया कि योजना के लिए पैसा कहां से आएगा, किन लोगों को इसका लाभ मिलेगा और भुगतान किस तरीके से किया जाएगा। ट्रम्प ने यह जरूर कहा कि मिलने वाली रकम अमेरिका में ही खर्च करनी होगी।
26.98 करोड़ वयस्कों को पैसा देने पर कितना खर्च होगा?
अमेरिका में करीब 26.98 करोड़ वयस्क हैं। अगर हर बालिग नागरिक को 5 हजार डॉलर दिए जाते हैं, तो कुल खर्च लगभग 1.35 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 128.25 लाख करोड़ रुपये बैठती है। तुलना करें तो विश्व बैंक के 2025 के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान की GDP लगभग 407.3 अरब डॉलर यानी करीब 38.69 लाख करोड़ रुपये बताई गई है। इस हिसाब से प्रस्तावित भुगतान की कुल रकम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था से करीब 3.3 गुना ज्यादा होगी। इतनी बड़ी रकम को लेकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं।
सरकार के सामने बजट घाटे और कर्ज की चुनौती
ट्रम्प का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका का सालाना बजट घाटा करीब 1.8 ट्रिलियन डॉलर बताया गया है। वहीं, अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज पिछले महीने पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया।
ऐसे में 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की अतिरिक्त राशि नागरिकों में बांटने की योजना को लागू करना सरकार के लिए वित्तीय रूप से बड़ी चुनौती हो सकती है। इसके लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी भी जरूरी होगी। अर्थव्यवस्था पर असर को लेकर महंगाई और सरकारी घाटे जैसे मुद्दे भी चर्चा में आ सकते हैं।
जेडी वेंस ने बताया पैसा कहां से आ सकता है?
ट्रम्प के ऐलान के करीब एक घंटे बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस योजना पर कुछ और जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमीर लोगों को इस भुगतान का लाभ नहीं मिलेगा।
वेंस के मुताबिक, सरकार को मिलने वाले टैरिफ राजस्व का इस्तेमाल इस डिविडेंड के लिए किया जा सकता है। हालांकि, यहां भी एक बड़ा सवाल है कि टैरिफ से मिलने वाली राशि क्या 5 हजार डॉलर प्रति वयस्क के हिसाब से अनुमानित कुल खर्च को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगी।
पहले भी सीधे भुगतान की बात कर चुके हैं ट्रम्प
यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प ने अमेरिकी नागरिकों को सीधे आर्थिक भुगतान देने की बात कही हो। इसी साल की शुरुआत में उन्होंने 2 हजार डॉलर के डिविडेंड का प्रस्ताव रखा था। उस समय भी इस योजना को लेकर फंडिंग और कानूनी मंजूरी जैसे सवाल उठे थे। पिछले साल ट्रम्प ने अमेरिकी सैनिकों को 1776 डॉलर का भुगतान किया था, जिसे उन्होंने ‘वॉरियर डिविडेंड’ कहा था।
मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन के सामने बड़ी चुनौती
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद मिडटर्म चुनाव होते हैं। इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों के लिए चुनाव होता है।
इस बार रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा में अपने बेहद मामूली बहुमत को बचाने की कोशिश कर रही है। सीनेट में भी पार्टी को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रम्प ने कहा कि वह उस परंपरा को बदलना चाहते हैं जिसमें राष्ट्रपति की पार्टी अक्सर मिडटर्म चुनाव में कांग्रेस की सीटें गंवा देती है। इसी राजनीतिक मुकाबले के बीच 5 हजार डॉलर का ‘ट्रम्प डिविडेंड’ ऐलान अब अमेरिकी राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों में चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है।
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