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भारत दौरे पर प्रिंस एलॉइस, PM मोदी के साथ व्यापार, निवेश और नवाचार पर अहम बातचीत

Ratna Netam
27 Oct 2026 8:40 PM IST
भारत दौरे पर प्रिंस एलॉइस, PM मोदी के साथ व्यापार, निवेश और नवाचार पर अहम बातचीत
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नई दिल्ली : 27 अक्टूबर 2026। भारत और यूरोपीय देश लिकटेंस्टीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। भारत की राजकीय यात्रा पर आए लिकटेंस्टीन के हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को नई गति देने और आपसी हितों के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
राष्ट्रपति भवन में प्रिंस एलॉइस का भव्य स्वागत
लिकटेंस्टीन के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस 25 से 28 अक्टूबर तक भारत की चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। उनके साथ उनकी पत्नी प्रिंसेस सोफी, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।मंगलवार सुबह राष्ट्रपति भवन में प्रिंस एलॉइस का औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया।इसके बाद प्रिंस एलॉइस और प्रिंसेस सोफी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।यह यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनयिक और आर्थिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी और प्रिंस एलॉइस के बीच अहम बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रिंस एलॉइस के बीच नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक हुई।बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने, निवेश के अवसर बढ़ाने और आधुनिक तकनीक में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।इसके अलावा विज्ञान, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत और लिकटेंस्टीन के बीच मित्रतापूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाने और नए क्षेत्रों में साझेदारी विकसित करने का अवसर प्रदान करती है।
व्यापार समझौते से आर्थिक संबंधों को मिलेगी गति
भारत और लिकटेंस्टीन के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाने में भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते की महत्वपूर्ण भूमिका है।यह समझौता अक्टूबर 2025 में लागू हुआ था। लिकटेंस्टीन भी EFTA का सदस्य देश है।फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी और प्रिंस एलॉइस की बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इस समझौते को आर्थिक संबंधों के विस्तार में महत्वपूर्ण कदम बताया था।भारत-EFTA समझौते के अंतर्गत अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि यह पूरे EFTA समूह से जुड़ा लक्ष्य है, केवल लिकटेंस्टीन का निवेश वादा नहीं।इस समझौते से विनिर्माण, तकनीक और निवेश आधारित उद्योगों में सहयोग की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।
तकनीक और नवाचार में साझेदारी पर जोर
दोनों देशों ने आधुनिक प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष ध्यान दिया।लिकटेंस्टीन उन्नत विनिर्माण और औद्योगिक तकनीक के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं के लिए जाना जाता है।भारत में तेजी से विकसित हो रहे प्रौद्योगिकी क्षेत्र और औद्योगिक बाजार को देखते हुए दोनों देशों के बीच नई व्यावसायिक साझेदारियों की संभावनाएं हैं।विशेष रूप से उच्च मूल्य वाले विनिर्माण, आधुनिक तकनीक और नवाचार आधारित क्षेत्रों में सहयोग को लेकर दोनों पक्ष पहले भी सहमति जता चुके हैं।
निर्मला सीतारमण और जयंत चौधरी से भी मुलाकात
भारत यात्रा के दौरान प्रिंस एलॉइस के कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी के साथ मुलाकात भी शामिल है।इन बैठकों के माध्यम से निवेश, आर्थिक सहयोग और कौशल विकास से जुड़े अवसरों पर बातचीत की संभावना जताई गई।प्रिंस एलॉइस के साथ आए उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी भी दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
प्रिंस एलॉइस ने भारत के साथ संबंधों को बताया महत्वपूर्ण
राष्ट्रपति भवन में स्वागत के बाद प्रिंस एलॉइस ने भारत यात्रा पर प्रसन्नता जताई।उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक यात्रा भारत के साथ संबंधों को लिकटेंस्टीन द्वारा दिए जा रहे महत्व को दर्शाती है।उन्होंने भारत के साथ हुए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते को दोनों देशों के संबंधों में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।प्रिंस एलॉइस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण और भारत में मिले स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।
2026 में दूसरी बार भारत पहुंचे प्रिंस एलॉइस
प्रिंस एलॉइस का वर्ष 2026 में यह दूसरा भारत दौरा है। इससे पहले उन्होंने फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लिया था।वे वर्ष 2010 और 2018 में भी भारत आ चुके हैं।भारत सरकार के अनुसार, इस यात्रा से आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी।प्रिंस एलॉइस की यात्रा ने व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को नई गति दी है।
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