
मॉरिशस : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉरिशस यात्रा के दौरान उन्हें पोर्ट लुईस में जोरदार स्वागत प्राप्त हुआ। इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। पीएम मोदी ने इस यात्रा के दौरान कई अहम मुद्दों पर बातचीत की और भारत-मॉरिशस संबंधों को नई दिशा देने का संकल्प लिया।
पोर्ट लुईस में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरिशस के पोर्ट लुईस पहुंचने के बाद भारतीय समुदाय और मॉरिशियाई अधिकारियों के साथ मुलाकात की। इस मौके पर उन्हें पारंपरिक मॉरिशियाई स्वागत के साथ मंच पर लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने के लिए जमा हुए थे। पीएम मोदी ने इस गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि भारत और मॉरिशस के बीच रिश्ते अत्यंत महत्व रखते हैं।
भारत-मॉरिशस के रिश्तों पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनाथ से मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया। पीएम मोदी ने कहा कि मॉरिशस भारत के लिए एक खास स्थान रखता है, और यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
भारतीय समुदाय से मुलाकात और संबोधन
इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की और उन्हें भारत की विकास यात्रा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मॉरिशस में भारतीय संस्कृति और सभ्यता का गहरा प्रभाव है और यह भारतीय समुदाय के योगदान से और भी मजबूत हुआ है।
भारत-मॉरिशस के संयुक्त परियोजनाओं की शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सहायता से चल रहे कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। इनमें सड़क निर्माण, जल आपूर्ति, और ऊर्जा क्षेत्र के प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, जो दोनों देशों के बीच तकनीकी और विकासात्मक सहयोग को बढ़ावा देंगे।
आने वाली पीढ़ियों के लिए यह यात्रा अहम
प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा को भारत और मॉरिशस के रिश्तों को एक नया आयाम देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा न केवल आज के दौर में महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी साबित होगी। दोनों देशों के बीच रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए कई अन्य पहलुओं पर भी चर्चा हुई, जो भविष्य में दोनों देशों के विकास में सहायक होंगे।
इस यात्रा को भारत और मॉरिशस के बीच के रिश्तों को और भी मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समझ को और गहरा करेगा।





