
France फ्रांस : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को G7 समिट में भाग लेने के लिए फ्रांस के एवियन पहुंचे, जहां वे दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ वैश्विक चुनौतियों और प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे। इस सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि वे दुनिया के नेताओं के साथ बातचीत करने और महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत एक अधिक टिकाऊ और समृद्ध दुनिया के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का स्विट्जरलैंड में भी गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जिनेवा एयरपोर्ट पर स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच औपचारिक मुलाकात हुई, जिसमें भारत और स्विट्जरलैंड के बीच साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई गई।
इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें व्यापार, तकनीक और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
Reached Evian, France for the G7 Summit.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
Looking forward to engaging with world leaders and exchanging views on key global issues.
India remains committed to advancing collective efforts for a more sustainable and prosperous planet.@G7 pic.twitter.com/By29Zuhs71
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया की अपनी यात्रा पूरी की, जिसे उन्होंने “ऐतिहासिक और फलदायी” बताया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के परिणाम दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और स्लोवाकिया के बीच मजबूत होते व्यापारिक संबंधों से दोनों देशों के युवाओं को लाभ मिलेगा और नए अवसरों का निर्माण होगा। उन्होंने स्लोवाकिया सरकार और वहां के लोगों द्वारा मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।
G7 समिट में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी को वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका और कूटनीतिक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। इस सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठकें भी संभावित हैं, जिनमें आपसी सहयोग और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर रहेगा।





