विश्व

युद्ध के मैदान में उतरे राष्ट्रपति जेलेंस्की हीरो के रूप में उभरे, रूस को दे रहा कड़ी टक्कर

Nilmani Pal
28 Feb 2022 1:56 AM GMT
युद्ध के मैदान में उतरे राष्ट्रपति जेलेंस्की हीरो के रूप में उभरे, रूस को दे रहा कड़ी टक्कर
x

पूरी दुनिया की निगाह इस वक्त रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग पर है. यूक्रेन पर तीन गुना ज्यादा आबादी वाले और परमाणु हथियारों से संपन्न विश्वशक्ति रूस के हमले जारी हैं. यूक्रेन की सीमा में घुसी रूस की सेना लगातार हवाई हमले, मिसाइल हमले और टैंक के साथ-साथ अत्याधुनिक हथियारों से यूक्रेन के शहरों में तबाही मचा रही है. गुरुवार को जब रूस ने हमले की शुरुआत की थी तब यूक्रेन की सेना और एयरफोर्स के ठिकानों को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया था और चेरनोबिल जैसे शहरों को जीतती हुई रूसी सेना तेजी से राजधानी कीव की ओर बढ़ रही थी. तब दुनियाभर के डिफेंस एक्सपर्ट मानने लगे थे कि बस कुछ घंटों में रूसी सेना राजधानी कीव को अपने कब्जे में ले लेगी. राष्ट्रपति जेलेंस्की देश छोड़कर भाग जाएंगे, और जल्द ही तख्तापलट करके रूस यूक्रेन में अपनी पसंद की सरकार बनवाएगा.

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी युद्ध का ऐलान करते हुए कहा था कि यूक्रेन को डिमिलिटराइज करेंगे और सेना के जिन लोगों को बचना हो वो हथियार डालकर घर चले जाएं. लेकिन तीन दिन की लड़ाई के बाद अब हालात ऐसे दिखने लगे हैं कि रूस के सपने पूरी तरह पूरे होते नहीं दिख रहे. भले ही बाद में रूस जंग जीत ले लेकिन अभी तो यूक्रेन के सभी बड़े शहरों में यूक्रेन की सेना रूसी सैनिकों के साथ आमने-सामने की जंग लड़ रही है. रूसी सेना को बड़े नुकसान की रिपोर्टें आ रही हैं. कई शहरों को वापस यूक्रेन की सेना ने कब्जे में ले लिया है और अब बेलारूस में रूस को वार्ता की टेबल पर भी आना पड़ा है. आखिर कैसे 3 तीन दिन की जंग में यूक्रेन ने युद्ध का यू-टर्न कर दिया? इस हालात में पूरी दुनिया में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की तारीफ हो रही है. आमने-सामने के युद्ध के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक युद्ध की रणनीति से जेलेंस्की ने ऐसे हालात बना दिए हैं जिससे पुतिन हमला करके फंसे हुए दिख रहे हैं.

रूस बड़ी सेना लेकर और बड़े हथियारों के साथ यूक्रेन में दाखिल तो हो गया और शहरों पर लगातार बमबारी की तस्वीरें भी आ रही हैं लेकिन यूक्रेन ने रूस से निपटने के लिए गोरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाकर सबको हैरान कर दिया है. राजधानी कीव समेत तमाम शहरों में रूसी सेना से जंग के लिए सेना के साथ-साथ आम लोगों को भी ऑटोमेटिक राइफलें दी जा रही हैं. लोगों को जंग की ट्रेनिंग दी जा रही है. ट्रेनिंग के बाद लोग शहरों की सीमाओं पर सैनिकों के साथ मोर्चे पर तैनात किए जा रहे हैं. जबकि दूसरी ओर हमले से तबाही की तस्वीरें देखकर रूसी हमले की दुनियाभर में आलोचना हो रही है.

हमलावर रूस से लड़ने के लिए यूक्रेन में राष्ट्रभक्ति की लहर सी चल पड़ी है. राष्ट्रपति जेलेंस्की खुद सेना की वर्दी में हथियार लेकर मैदान में उतर गए हैं. यूक्रेन के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री, सांसद, शहरों के मेयर, यूक्रेन के सेलेब्रिटी, मॉड्ल्स, खिलाड़ी सब हथियार लेकर रूसी सैनिकों से लोहा लेने उतर आए हैं. हमलावर के खिलाफ जंग की ऐसी रणनीति और तस्वीर शायद ही कभी दुनिया ने देखी हो. पूरी दुनिया यूक्रेनियंस के इस जज्बे और देशभक्ति को सलाम कर रही है. पिछले साल अफगानिस्तान में तालिबान के हमले के वक्त राष्ट्रपति अशरफ गनी के भागने के फैसले ने तुरंत ही राजधानी काबुल पर तालिबान के कब्जे का रास्ता साफ कर दिया था लेकिन जेलेंस्की ने साहस का परिचय दिया. अब यूक्रेन पर हमले के लिए पुतिन की लगातार आलोचना हो रही है. दुनिया के बाकी शहरों के अलावा रूस के कई शहरों में भी पुतिन के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं.

यूक्रेन को घेरने के लिए रूस ने तीन तरफ से हमला किया था. रूस की सीमा के साथ-साथ डोनबास्क इलाके से भी रूसी सेना घुसी थी तो रूस के सहयोगी देश बेलारूस से भी रूस की सेना ने यूक्रेन पर धावा बोला था. शुरू में सुमी और चेरनोबिल जैसे शहरों पर रूसी सेना ने दबदबा भी कायम किया लेकिन यूक्रेन ने अपने मजबूत गढ़ माने जाने वाले खारकीव, कीव जैसे शहरों में मजबूत मोर्चाबंदी करके अपनी पसंद का युद्धक्षेत्र तैयार किया. यहां सेना-एयरफोर्स की मोर्चाबंदी की.

इन इलाकों से जहां रूसी सैनिक अनजान हैं वहीं पूरे इलाके से यूक्रेन की सेना परिचित है और इसीलिए यहां रूसी टैंक और लड़ाकू विमानों के लगातार ध्वस्त होने की तस्वीरें देखने को मिल रही है. इसके अलावा इन इलाकों में घुस रहे रूसी मिसाइलों और फाइटर जेट को भी यूक्रेन अपने एयर डिफेंस से मार गिराने में कामयाब हो रहा है. जंग के हालात बाद में जो भी हों लेकिन अभी तो यूक्रेन रूस के दांत खट्टे करता दिख ही रहा है.

अमेरिका समेत नाटो देशों ने भले ही यूक्रेन की मदद के लिए सेना भेजने से इनकार कर दिया हो लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की खुद युद्ध के मैदान में उतरकर भी लगातार दुनियाभर के नेताओं से बात कर रहे हैं. उनकी इस रणनीति का फायदा भी होता दिख रहा है. अमेरिका जहां यूक्रेन को 350 मिलियन डॉलर की मदद देने को राजी हुआ है वहीं कई देश हथियारों की सप्लाई तेजी से कर रहे हैं. इससे रूस को टक्कर देने में यूक्रेन को काफी मदद मिल रही है.

जर्मनी यूक्रेन को 1,000 टैंक रोधी हथियार और 500 'स्टिंगर' मिसाइलें भेज रहा है. बेल्जियम यूक्रेन को मशीनगन भेज रहा है. चेक गणराज्य ने यूक्रेन को 85 लाख डॉलर के हथियार और गोला-बारूद भेजने का ऐलान किया है. इसमें मशीन गन, असॉल्ट राइफलें और अन्य हल्के हथियार शामिल हैं. फ्रांस ने यूक्रेन को 300 मिलियन यूरो और सैन्य उपकरण देने की बात कही है तो नीदरलैंड 200 एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलें यूक्रेन को भेजेगा. पड़ोसी देश पोलैंड ने भी यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई का वादा किया है. दुनिया के करीब 28 ऐसे देश हैं जिन्होंने हमलों से निपटने के लिए यूक्रेन को तुरंत मदद पहुंचाने का ऐलान किया है.

पूरी दुनिया रूस के हमलों की आलोचना कर रही है. तीन दिन की जंग के बाद बेलारूस में रूस वार्ता की टेबल पर आने को तैयार हुआ तो यूक्रेन ने ये कहते हुए बेलारूस में पहले वार्ता से इनकार कर दिया कि किसी ऐसे देश की जमीन पर वह वार्ता नहीं करेगा जिसने अपनी सीमा से रूस के सैनिकों को यूक्रेन पर हमला करने दिया. इसके बाद कोशिशों को फेल होते हुए देखकर बेलारूस के राष्ट्रपति को यूक्रेन से बात करनी पड़ी और अपनी मंशा साफ करनी पड़ी. तब जाकर यूक्रेन वार्ता की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार हुआ. बेलारूस के गोमेल में वार्ता का मंच तैयार हुआ है और अब देखना है कि ये युद्ध को रोकने में यह किस हद तक सफल होता है.

यूक्रेन से जंग की जो तस्वीरें आ रही हैं उसमें दुनियाभर में सबसे ज्यादा चर्चा राष्ट्रपति जेलेंस्की की हो रही है. राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky की सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए रूस ने हमलों की शुरुआत की थी. चर्चा थी कि जेलेंस्की हमलों के बीच देश छोड़कर जल्द निकल सकते हैं. ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने जेलेंस्की को राजनीतिक शरण देने का ऐलान भी किया. अमेरिका ने पोलैंड बॉर्डर पर तीन सैन्य विमान भी भेजे कि रूसी हमले के दौरान बचाने के लिए राष्ट्रपति जेलेंस्की को निकाल लाया जाए.

लेकिन कभी मशहूर कॉमेडियन और एक्टर रहे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के रुख ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया. जेलेंस्की ने अमेरिकी विमानों को लौटाते हुए कहा- 'मैं युद्ध में उतरा हूं, मुझे राइड नहीं, हथियार चाहिए ताकि मैं हमलावरों से अपने देश की रक्षा कर सकूं. मैं और मेरा परिवार यहीं राजधानी कीव में हैं और मैं युद्ध के मैदान में मोर्चा संभाले हुए हूं.' शायद ही किसी युद्ध में दुनिया के किसी नेता ने अपने देश को इस तरह से लीड किया हो. इसके बाद देश के हर तबके के लोग, सेलिब्रिटी सेना में शामिल होने लगे और रूस से टक्कर लेने के लिए क्या आम क्या खास सबमें होड़ सी दिखने लगी.

रूस और यूक्रेन के बीच सैन्य लड़ाई के साथ-साथ साइबर वॉर भी छिड़ी हुई है. यूक्रेन के कई वेबसाइट्स हैक हुए तो रूस पर यूक्रेन के साइबर हमलों ने भी पूरी दुनिया में रूस को साइबर अटैक का निशाना बनाया. रूस के कई वेबसाइट्स हैक हो गए. दुनिया भर के कई हैकर समूह रूस के खिलाफ यूक्रेन के समर्थन में आ गए हैं और लगातार रूसी वेबसाइट्स और टेलीकम्युनिकेशन माध्यमों को निशाना बना रहे हैं. यहां तक कि रूसी टेलीविजन को हैक करके हैकर्स ने यूक्रेन का नेशनल एंथम चला दिया. हैकर लगातार रूस और बेलारूस के डिफेंस और सरकार से जुड़े ईमेल्स को निशाना बना रहे हैं. दोनों ओर से साइबर हमले जारी है.

हमले के लिए रूस को घेरने के लिए यूक्रेन और तमाम पश्चिमी देश लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं. यूएन के मंच पर जहां अमेरिका-ब्रिटेन-फ्रांस ने तुरंत युद्ध रोकने के लिए रूस के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया वहीं यूक्रेन ने रूस के खिलाफ ICJ यानी अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है. यूक्रेन ने ऐलान किया कि हमारे शहरों में लोगों पर रूस नरसंहार कर रहा है और उसे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में इन सब अपराधों का जवाब देना पड़ेगा. अमेरिका-ब्रिटेन-जर्मनी-फ्रांस समेत कई देशों ने रूस के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. रूसी बैंकों के खिलाफ कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए गए हैं तो रूस की आर्थिक गतिविधियों को भी बैन करने के कई प्रस्ताव लागू किए गए हैं ताकि रूस युद्ध रोकने के लिए बाध्य हो सके.

आबादी और इलाके में रूस यूक्रेन पर काफी हद तक भारी पड़ता है तो हथियारों के मामले में तो दोनों देशों में कोई मुकाबला ही नहीं है. रूस परमाणु संपन्न देश है और दुनिया के सबसे बड़े मिलिटरी पावर्स में गिना जाता है. रूस के पास 8.50 लाख एक्टिव सैनिक हैं जबकि यूक्रेन के पास 2 लाख. लेकिन दोनों ही देशों के पास बराबर 2.50 लाख रिजर्व सैन्य बल हैं. रूस के पास 2.50 लाख पैरामिलिट्री फोर्स है, जबकि यूक्रेन के पास सिर्फ 50 हजार. रूस की एयरफोर्स दुनिया में दूसरे स्थान पर है जबकि यूक्रेन की रैंकिंग 31वीं. रूस के पास कुल फाइटर जेट 772 हैं, जबकि यूक्रेन के पास सिर्फ 69. जमीनी ताकत की बात करें तो रूस के पास 12,420 टैंक हैं, जबकि यूक्रेन के पास 2596 टैंक. रूस के पास 30,122 बख्तरबंद वाहन हैं जबकि यूक्रेन के पास 12,303 बख्तरबंद वाहन.


Next Story