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राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस से छीने आठ गांव, जाहिर की खुशी

Rani Sahu
21 Jun 2023 9:28 AM GMT
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस से छीने आठ गांव, जाहिर की खुशी
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कीव। यूक्रेन ने दो हफ्ते से जारी अपने पलटवार में आठ गांवों को रूसी कब्जे से छुड़ा लेने का दावा किया है, जबकि रूस ने दक्षिणी और पूर्व क्षेत्रों में यूक्रेनी सेना को पीछे धकेलने की बात कही है। रूस ने फ्रांस में बने एक टैंक को भी कब्जे में लेने की बात कही है।
रूसी सेना से छीने आठ गांव- हन्ना मालियार
यूक्रेन की रक्षा राज्य मंत्री हन्ना मालियार ने कहा है कि यूक्रेनी सेना ने बर्डियांस्क और मेलिटोपोल इलाकों में आठ गांवों को रूसी सेना से छीन लिया है। यूक्रेनी सेना ने ये गांव तब छीने हैं, जब रूसी सेना मोर्चों पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए महीनों से कार्य कर रही थी, लेकिन अभी भी यूक्रेन का करीब 20 प्रतिशत भूभाग रूस के कब्जे में है।
क्या बोले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सेना की सफलता पर खुशी जाहिर की है। कहा है कि वह पश्चिम के सहयोगी देशों से हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति बढ़ाने और उसे निरंतर रखने के संबंध में वार्ता कर रहे हैं। हमारी सेना आगे बढ़ रही है, लेकिन हर कदम पर उसे मुकाबले के लिए हथियारों और गोला-बारूद की जरूरत होगी।
रूसी सेना ने किया दावा
रूसी सेना ने डोनेस्क प्रांत में यूक्रेनी सेना को पीछे धकेलने और पश्चिमी देशों से मिले हथियारों पर कब्जा करने का दावा किया है। यहीं पर फ्रांसीसी टैंक को रूसी सैनिकों ने अपने कब्जे में लिया है। यूक्रेनी सेना के पलटवार के दो हफ्तों में दोनों पक्षों को जान-माल का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। नाटो ने कहा है कि यूक्रेन के हमलों को देखते हुए रूस युद्धक्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर रहा है।
रूस ने संयुक्त राष्ट्र के दल को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में आने से रोका
खेरसान प्रांत में काखोव्का बांध टूटने से तबाही जारी है। इस तबाही में अभी तक 52 लोगों के मारे जाने और 11 हजार के विस्थापित होने की खबर है। मारे गए लोगों की संख्या में शामिल ज्यादातर लोग यूक्रेन के नियंत्रण वाले क्षेत्र के हैं, रूस के नियंत्रण वाले क्षेत्र में मारे गए लोगों की संख्या की पूरी जानकारी नहीं मिल सकी है।
इस बीच संयुक्त राष्ट्र के राहत दल को सुरक्षा की गारंटी देने से रूस ने इन्कार कर दिया है। कहा है कि युद्ध के बीच राहत दल का आना सुरक्षित नहीं होगा।
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