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चीनी संस्थानों पर शिकंजा कसने की तैयारी अमेरिकी रक्षा मंत्री को लिखा पत्र

Ratna Netam
15 Oct 2026 7:07 PM IST
चीनी संस्थानों पर शिकंजा कसने की तैयारी अमेरिकी रक्षा मंत्री को लिखा पत्र
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वाशिंगटन। अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर तनाव के बीच अमेरिकी संसद के एक वरिष्ठ सदस्य ने चीन से जुड़े अनुसंधान संस्थानों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की चीन संबंधी सेलेक्ट कमेटी के अध्यक्ष जॉन मूलनार ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पत्र लिखकर रक्षा विभाग की सेक्शन 1286 सूची का विस्तार करने का आग्रह किया है। उन्होंने चीन के रक्षा क्षेत्र से कथित तौर पर जुड़े अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं और प्रतिभा भर्ती कार्यक्रमों को इस सूची में शामिल करने की सिफारिश की है।सेलेक्ट कमेटी ऑन द चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मूलनार ने 14 अक्टूबर 2026 को यह पत्र भेजा। उनका कहना है कि अमेरिकी रक्षा अनुसंधान से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में विदेशी संस्थानों के साथ सहयोग की निगरानी मजबूत करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है।
58 विश्वविद्यालय और 62 प्रयोगशालाएं निशाने पर
जॉन मूलनार ने अपने पत्र में कई चीनी संस्थानों को सेक्शन 1286 सूची में जोड़ने की सिफारिश की है।इसमें चीनी विज्ञान अकादमी के 14 संस्थान, 62 चीनी प्रयोगशालाएं और राष्ट्रीय रक्षा प्रयोगशालाएं, 58 विश्वविद्यालय तथा 22 विदेशी प्रतिभा भर्ती कार्यक्रम शामिल हैं।इसके अलावा चाइना स्कॉलरशिप काउंसिल (CSC) और उससे जुड़े शोधकर्ताओं को भी सूची में शामिल करने की मांग की गई है।मूलनार का आरोप है कि इनमें से कई संस्थानों का संबंध चीन की रक्षा अनुसंधान व्यवस्था और सैन्य तकनीक के विकास से है।हालांकि, किसी संस्थान का इस प्रस्तावित सूची में नाम होना अपने आप में उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियों का प्रमाण नहीं है।
क्या है अमेरिका की सेक्शन 1286 सूची?
सेक्शन 1286 सूची अमेरिकी रक्षा अनुसंधान की सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण नियामक उपकरण है।इसका उद्देश्य ऐसे विदेशी संस्थानों और प्रतिभा भर्ती कार्यक्रमों की पहचान करना है, जिनके साथ अनुसंधान संबंध अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित जोखिम पैदा कर सकते हैं।इस सूची में शामिल संस्थानों के साथ सहयोग करने वाले अमेरिकी शोधकर्ताओं और विश्वविद्यालयों को रक्षा विभाग की वित्तीय सहायता प्राप्त करने में कानूनी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।वर्ष 2025 के राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम के तहत रक्षा विभाग द्वारा वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाओं में सूचीबद्ध संस्थानों के साथ सहयोग पर प्रतिबंध लगाए गए थे।
चाइना स्कॉलरशिप काउंसिल पर भी सवाल
मूलनार ने चाइना स्कॉलरशिप काउंसिल को लेकर विशेष चिंता जताई है।उन्होंने रक्षा विभाग से मांग की है कि CSC से वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले शोधकर्ताओं को अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित किया जाए।यह सिफारिश उन शोधकर्ताओं पर भी लागू करने की मांग की गई है, जिनकी परियोजनाओं में औपचारिक भूमिका अलग-अलग प्रकार की हो सकती है।मूलनार का तर्क है कि इस तरह के कदम से संवेदनशील अनुसंधान जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर तकनीक पर चिंता
अमेरिकी सांसद की इस मांग के पीछे आधुनिक तकनीक से जुड़ी सुरक्षा चिंताएं भी हैंप्रस्तावित सूची में शामिल कई चीनी संस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुसंधान करते हैं।इन तकनीकों का उपयोग नागरिक सुविधाओं के साथ रक्षा और सैन्य प्रणालियों में भी किया जा सकता है।अमेरिकी सांसदों की चिंता है कि कुछ अनुसंधान सहयोगों के माध्यम से संवेदनशील तकनीकी जानकारी चीन के सैन्य अनुसंधान तंत्र तक पहुंच सकती है।रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मूलनार ने इस महीने की शुरुआत में भी 58 चीनी विश्वविद्यालयों और 62 तकनीकी प्रयोगशालाओं को अमेरिकी अनुसंधान प्रतिबंध सूची में जोड़ने का आग्रह किया था।
अमेरिकी विश्वविद्यालयों पर भी पड़ सकता है असर
यदि रक्षा विभाग इन सिफारिशों को स्वीकार करता है, तो अमेरिकी विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।विशेष रूप से वे शोधकर्ता प्रभावित हो सकते हैं, जो अमेरिकी रक्षा विभाग से वित्तीय सहायता प्राप्त करते हैं और प्रस्तावित सूची में शामिल चीनी संस्थानों के साथ संयुक्त अनुसंधान कर रहे हैं।ऐसे संस्थानों को अपने अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान समझौतों और सहयोग कार्यक्रमों की समीक्षा करनी पड़ सकती है।हालांकि, यह प्रस्ताव सभी अमेरिकी-चीनी शैक्षणिक संबंधों पर सामान्य प्रतिबंध लगाने के समान नहीं है। इसका मुख्य संबंध रक्षा विभाग द्वारा वित्तपोषित अनुसंधान से है।
अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच बढ़ी सख्ती
अमेरिका और चीन के बीच उन्नत तकनीक, रक्षा अनुसंधान और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा लंबे समय से महत्वपूर्ण विषय रहे हैं।वाशिंगटन में कुछ सांसद चीन की सैन्य और नागरिक अनुसंधान गतिविधियों के बीच संबंधों को राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से देख रहे हैं।दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग के समर्थक इस बात पर जोर देते हैं कि सुरक्षा प्रतिबंध पारदर्शी, प्रमाण आधारित और स्पष्ट रूप से निर्धारित होने चाहिए, ताकि वैध शैक्षणिक अनुसंधान अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।फिलहाल जॉन मूलनार ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से सेक्शन 1286 सूची का विस्तार करने की मांग की है। संबंधित चीनी संस्थानों को प्रस्ताव के आधार पर नई सूची में शामिल किए जाने का अंतिम निर्णय अभी पुष्टि नहीं हुआ है।
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