
World वर्ल्ड: RTX की इंजन निर्माण इकाई Pratt & Whitney ने अपने गियर्ड टर्बोफैन (GTF) इंजन के पुर्जों की मरम्मत के लिए एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीक विकसित की है। इस तकनीक की मदद से मरम्मत प्रक्रिया का समय 60 प्रतिशत तक घटने की उम्मीद है। वर्तमान में कंपनी GTF इंजनों से जुड़ी तकनीकी जांच कर रही है, जिससे हाल के महीनों में सैकड़ों विमानों को ग्राउंड किया गया है।
कंपनी के उपाध्यक्ष केविन किर्कपैट्रिक ने बताया कि यह तकनीक मरम्मत की गति बढ़ाने के साथ-साथ उपकरण लागत को भी कम करेगी और सामग्री की मौजूदा आपूर्ति पर निर्भरता घटेगी। RTX का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में इस तकनीक के ज़रिए 100 मिलियन डॉलर तक के पुर्जे दोबारा उपयोग में लाए जा सकेंगे।
RTX ने यह भी कहा कि GTF इंजन की समस्या के कारण 2025 में उसे 1.1 से 1.3 अरब डॉलर तक के मुआवज़े का असर पड़ सकता है। कंपनी ने MTU Aero Engines और Delta Tech Ops के साथ मिलकर मरम्मत और देखरेख सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए भी समझौते किए हैं।





