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पाकिस्तान के कराची में बिजली संकट कई इलाकों में घंटों कटौती
Ratna Netam
25 Oct 2026 5:32 PM IST

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कराची। पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिजली वितरण कंपनी के-इलेक्ट्रिक (K-Electric) की ओर से लोडशेडिंग बढ़ाए जाने के बाद कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आई हैं। 24 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, पहले लोडशेडिंग से मुक्त रखे गए कई फीडरों पर भी बिजली कटौती शुरू की गई है। कुछ इलाकों में बिजली कटौती की अवधि 12 से 15 घंटे तक पहुंचने की सूचना है।बिजली संकट का असर आम लोगों के साथ-साथ दुकानदारों, कारोबारियों और स्थानीय सेवाओं पर भी पड़ रहा है। लगातार बिजली कटौती से दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में पानी की आपूर्ति पर भी असर पड़ने की खबरें सामने आई हैं। गर्मी या उमस के दौरान बिजली की लंबी कटौती लोगों की परेशानियां और बढ़ा सकती है।
पहले से प्रभावित इलाकों में बढ़ी कटौती
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, कराची के कई इलाकों में पहले से जारी बिजली कटौती की अवधि बढ़ गई है। कुछ क्षेत्रों में रोजाना 12 से 15 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायतें मिली हैं। उत्तर कराची, लांधी, शाह फैसल कॉलोनी, मालिर, लियाकताबाद, ओरंगी टाउन, गुलशन-ए-इकबाल और नॉर्थ नाजिमाबाद जैसे इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिनके इलाकों में पहले से निर्धारित समय के अनुसार बिजली कटौती होती रही है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, तय समय से अतिरिक्त बिजली कटौती होने के कारण घरों और कारोबारों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
बिजली संकट के पीछे क्या है वजह?
के-इलेक्ट्रिक ने अक्टूबर की शुरुआत में बिजली कटौती बढ़ने के पीछे रिगैसीफाइड लिक्विफाइड नेचुरल गैस (RLNG) की आपूर्ति में कमी को प्रमुख कारण बताया था। कंपनी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति में रुकावट और गैस की खेप पहुंचने में देरी से देशभर में बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ। इसका असर कराची में बिजली उत्पादन और आपूर्ति पर भी पड़ा।कंपनी ने उस समय कहा था कि शाम और रात के व्यस्त समय में जरूरत पड़ने पर बिजली प्रबंधन के तहत कटौती करनी पड़ सकती है। के-इलेक्ट्रिक के प्रवक्ता इमरान राणा ने बताया था कि कंपनी पाकिस्तान एलएनजी लिमिटेड और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रही है।हालांकि, 14 अक्टूबर को कंपनी ने RLNG की आपूर्ति बहाल होने और अपने BQPS-III बिजली संयंत्र का उत्पादन स्थिर होने के बाद अस्थायी बिजली प्रबंधन समाप्त करने की घोषणा की थी। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया था कि अधिक बिजली चोरी और बिलों की कम वसूली वाले इलाकों में निर्धारित लोडशेडिंग जारी रहेगी।
150 से अधिक फीडरों पर बिजली कटौती की खबर
24 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, के-इलेक्ट्रिक ने पहले लोडशेडिंग से छूट प्राप्त 150 से अधिक फीडरों पर भी बिजली कटौती शुरू की थी। इसके बाद शहर के कई हिस्सों में बिजली संकट और गहरा गया। हालांकि, इसी दौरान कंपनी की ओर से किए गए तिमाही नेटवर्क आकलन के बाद कुछ इलाकों को दोबारा लोडशेडिंग से छूट देने की जानकारी भी सामने आई।के-इलेक्ट्रिक का कहना है कि उसके नेटवर्क के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से में लोडशेडिंग नहीं की जा रही है। कंपनी के अनुसार, बिजली चोरी और बिलों की कम वसूली वाले क्षेत्रों में निर्धारित कटौती जारी है। यह कंपनी का अपना दावा है, जबकि कई इलाकों के निवासियों ने लंबे समय तक बिजली गुल रहने की शिकायत की है।
आम लोगों और कारोबार पर असर
कराची में बिजली की अनियमित आपूर्ति से घरेलू कामकाज, छोटे कारोबार और दुकानों का संचालन प्रभावित हो रहा है। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से पानी की मोटर, रेफ्रिजरेटर और अन्य जरूरी उपकरणों का इस्तेमाल मुश्किल हो जाता है। जिन व्यवसायों का काम बिजली पर निर्भर है, उन्हें अतिरिक्त खर्च और काम में देरी का सामना करना पड़ सकता है।लोगों की मुख्य मांग है कि बिजली कटौती का समय स्पष्ट किया जाए और बिना सूचना के होने वाली बिजली बंदी को कम किया जाए। वहीं, कंपनी के सामने बिजली उत्पादन, ईंधन की उपलब्धता और बिजली बिलों की वसूली से जुड़ी चुनौतियां हैं।फिलहाल, कराची में बिजली आपूर्ति को लेकर स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के संकेत स्पष्ट नहीं हैं। एक ओर के-इलेक्ट्रिक नेटवर्क में सुधार और कुछ क्षेत्रों को कटौती से राहत देने की बात कह रही है, तो दूसरी ओर कई इलाकों से लंबे बिजली कट की शिकायतें सामने आ रही हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि कंपनी बिजली आपूर्ति को कितना नियमित कर पाती है और लोडशेडिंग की अवधि में कब राहत मिलती है।
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