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रोम के अस्पताल में पोप लियो की सफल सर्जरी
रोम : कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो XIV को फेफड़े का कैंसर होने की पुष्टि हुई है। मंगलवार, 13 अक्टूबर को रोम के जेमेली अस्पताल में उनकी सर्जरी की गई। डॉक्टरों ने उनके दाहिने फेफड़े का निचला लोब निकाल दिया। वेटिकन के अनुसार, करीब 90 मिनट तक चली सर्जरी सफल रही और इस दौरान कोई जटिलता सामने नहीं आई। ऑपरेशन के बाद पोप सामान्य रूप से होश में आ गए और उन्हें अस्पताल के कमरे में वापस पहुँचाया गया। फिलहाल वह अस्पताल में आराम कर रहे हैं।
वेटिकन की ओर से जारी चिकित्सा रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन से पहले हुई जाँच में डॉक्टरों को कैंसर का संदेह था। सर्जरी के दौरान ऊतक की जाँच में लंग एडेनोकार्सिनोमा की पुष्टि हुई। कैंसर से प्रभावित हिस्से को निकालने के लिए दाहिने फेफड़े का निचला लोब हटाया गया। पोप करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन थिएटर में रहे, जबकि वास्तविक शल्य प्रक्रिया लगभग डेढ़ घंटे चली। चिकित्सा बुलेटिन में ऑपरेशन को सफल बताया गया है।
इस प्रक्रिया में डॉक्टरों ने एक छोटे वीडियो कैमरे की मदद से सर्जरी की। वेटिकन की चिकित्सा जानकारी के अनुसार, प्रभावित हिस्से और आसपास के ऊतकों को हटाने के उद्देश्य से पूरे निचले लोब को निकाला गया। यह जानकारी पोप के निजी चिकित्सक डॉ. लुइगी कार्बोने और प्रमुख सर्जन डॉ. स्टेफानो मार्गारितोरा के बयान पर आधारित थी। ऑपरेशन के बाद पोप ने सामान्य रूप से चेतना प्राप्त की। अस्पताल के कमरे में लौटने के बाद उन्होंने भोजन की इच्छा भी जताई, जिसकी जानकारी वेटिकन के एक सूत्र ने दी।
पोप लियो ने 11 अक्टूबर को एंजेलस प्रार्थना के बाद स्वयं अपनी आगामी सर्जरी की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि डॉक्टरों को उनके फेफड़े में एक छोटी और सीमित गाँठ मिली है। उनके अनुसार, इसका पता बहुत शुरुआती अवस्था में चला था। इसी गाँठ को निकालने के लिए मंगलवार को ऑपरेशन किया गया। अस्पताल में उनकी सर्जरी के दौरान जेमेली अस्पताल के प्रार्थनालय में विशेष प्रार्थना हुई। रोम के चर्चों और धार्मिक समुदायों को भी उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने का आमंत्रण दिया गया था।
आगे के उपचार को लेकर अभी विस्तृत योजना सार्वजनिक नहीं की गई है। वेटिकन ने कैंसर के चरण और अतिरिक्त उपचार की जरूरत के बारे में अंतिम जानकारी नहीं दी है। कीमोथेरेपी या किसी अन्य उपचार पर निर्णय आगे की जाँच के नतीजों पर निर्भर करेगा। अभी उपलब्ध चिकित्सा जानकारी में सर्जरी सफल होने और कोई जटिलता नहीं आने की पुष्टि की गई है। हालाँकि, सफल ऑपरेशन के आधार पर आगे किसी उपचार की जरूरत नहीं होने का निष्कर्ष नहीं बताया गया है।
71 वर्षीय पोप को स्वस्थ होने के लिए करीब एक सप्ताह अस्पताल में रहना पड़ सकता है। उनकी चिकित्सा जरूरतों को देखते हुए 20 अक्टूबर तक के सार्वजनिक कार्यक्रम और मुलाकातें रद्द कर दी गई हैं। वह मंगलवार को दोपहर करीब एक बजे अस्पताल पहुँचे थे। अस्पताल पहुँचने पर उन्होंने वहाँ मौजूद लोगों का अभिवादन किया। नवंबर में उनकी उरुग्वे, अर्जेंटीना और पेरू की यात्रा निर्धारित है, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार और आगामी चिकित्सा जानकारी उनके कार्यक्रमों के लिए अहम होगी।
पोप की बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने से उनका पद स्वतः किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं होता। वेटिकन का प्रशासनिक कामकाज जिम्मेदारी प्राप्त अधिकारियों के माध्यम से जारी रहता है। पोप के सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित किए गए हैं, लेकिन वेटिकन ने शासन व्यवस्था में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है। कैथोलिक चर्च में पोप का पद उनके निधन या स्वेच्छा से इस्तीफा देने तक बना रहता है।
पोप लियो मई 2025 में कैथोलिक चर्च के प्रमुख चुने गए थे। उनका जन्म 1955 में अमेरिका के शिकागो में रॉबर्ट प्रीवोस्ट के रूप में हुआ था। पोप बनने से पहले उन्होंने पेरू में कई वर्षों तक मिशनरी और बिशप के तौर पर कार्य किया। फिलहाल उनकी सेहत को लेकर जारी जानकारी में सर्जरी सफल रहने और अस्पताल में आराम करने की बात कही गई है। आगे के उपचार और सार्वजनिक कार्यक्रमों में वापसी के बारे में विस्तृत चिकित्सा जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।
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