
x
मध्यावधि चुनाव में हार के बाद ट्रंप का बड़ा एक्शन
वॉशिंगटन: अमेरिका में मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। ट्रंप ने अपने लंबे समय से करीबी सहयोगी और वरिष्ठ सलाहकार स्टीफन मिलर को व्हाइट हाउस का नया चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त करने की घोषणा की है। मिलर मौजूदा चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स की जगह लेंगे। राष्ट्रपति का यह फैसला ऐसे समय सामने आया है, जब मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से इस नियुक्ति की जानकारी दी। उन्होंने स्टीफन मिलर को अपने सबसे भरोसेमंद सलाहकारों में से एक बताया। ट्रंप ने सूसी वाइल्स के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने व्हाइट हाउस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। नई नियुक्ति सोमवार, 9 नवंबर से प्रभावी होगी। स्टीफन मिलर लंबे समय से डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक सहयोगी रहे हैं। वह वर्ष 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान से ट्रंप के साथ जुड़े हुए हैं। ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जनवरी 2025 में ट्रंप की व्हाइट हाउस में वापसी के बाद मिलर को डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
मिलर विशेष रूप से अमेरिका की कठोर आव्रजन नीतियों के लिए जाने जाते हैं। अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई, सीमा सुरक्षा और निर्वासन संबंधी नीतियों को तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ट्रंप प्रशासन की कई प्रमुख घरेलू नीतियों पर भी उनका प्रभाव माना जाता है। इस बीच सूसी वाइल्स का पद छोड़ना भी अमेरिकी राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। वाइल्स व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ बनने वाली पहली महिला थीं। उन्होंने ट्रंप के चुनाव अभियानों और प्रशासनिक रणनीति में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने गुरुवार रात अपना इस्तीफा सौंप दिया था। अब वह ट्रंप के राजनीतिक संगठन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगी।
व्हाइट हाउस में चीफ ऑफ स्टाफ का पद बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस पद पर नियुक्त अधिकारी राष्ट्रपति के दैनिक कार्यक्रम, वरिष्ठ अधिकारियों के बीच समन्वय, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और कांग्रेस के साथ संवाद जैसी जिम्मेदारियां संभालता है। ऐसे में स्टीफन मिलर की नियुक्ति ट्रंप प्रशासन की आगामी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अमेरिका में हाल ही में संपन्न मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल किया है। इससे ट्रंप प्रशासन के सामने विधायी चुनौतियां बढ़ गई हैं। अब राष्ट्रपति को अपने कई प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के लिए विपक्षी बहुमत वाली कांग्रेस का सामना करना होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मिलर की नियुक्ति से संकेत मिलता है कि ट्रंप अपनी मौजूदा नीतियों में बड़े बदलाव के बजाय उन्हें आगे बढ़ाने की रणनीति अपना सकते हैं। विशेष रूप से आव्रजन और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इस नियुक्ति की आलोचना की है। प्रतिनिधि रॉबर्ट गार्सिया ने मिलर की आव्रजन नीतियों की जांच करने की बात कही है। वहीं, ट्रंप के सहयोगियों का मानना है कि मिलर प्रशासन की प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं। फिलहाल स्टीफन मिलर की नियुक्ति को मध्यावधि चुनावों के बाद ट्रंप प्रशासन के बड़े फैसलों में गिना जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नए चीफ ऑफ स्टाफ के नेतृत्व में व्हाइट हाउस और डेमोक्रेटिक बहुमत वाली कांग्रेस के बीच संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
Next Story





