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अक्टूबर के आखिर में भारत आएंगे पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क

Ratna Netam
1 Oct 2026 4:13 PM IST
अक्टूबर के आखिर में भारत आएंगे पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क
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मिल्वौकी। भारत और पोलैंड के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई गति देने की तैयारी तेज हो गई है। पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की ने कहा है कि प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क अक्टूबर के आखिर में भारत की महत्वपूर्ण यात्रा करेंगे। इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा उद्योग और दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। टस्क की प्रस्तावित यात्रा में नई दिल्ली के साथ बेंगलुरु भी शामिल रहेगा।
अमेरिका के विस्कॉन्सिन स्थित मिल्वौकी में G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान डोमांस्की ने भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच डोनाल्ड टस्क की आगामी भारत यात्रा सहित कई आर्थिक और रणनीतिक विषयों पर चर्चा हुई।
डोमांस्की के अनुसार पोलैंड के प्रधानमंत्री के साथ करीब 100 कंपनियों का एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आ सकता है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों के साथ रक्षा क्षेत्र से जुड़ी पोलिश कंपनियों को भी शामिल किए जाने की योजना है। पोलैंड इस दौरे को भारतीय बाजार में अपनी कंपनियों की मौजूदगी बढ़ाने और दोनों देशों के कारोबारियों के बीच सीधे संपर्क मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रहा है।
पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि पोलैंड अपनी रक्षा औद्योगिक क्षमता मजबूत करना चाहता है और इस दिशा में भारत जैसे भरोसेमंद साझेदारों के साथ व्यापारिक संबंध महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने भारत को पोलैंड के रक्षा उत्पादों का निर्यात बढ़ाने की इच्छा जताते हुए कहा कि आगामी यात्रा में पोलिश रक्षा कंपनियां भी शामिल होंगी।
भारत और पोलैंड पहले से रक्षा सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा करते रहे हैं। अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया था। इसी दौरान 2024 से 2028 के लिए पांच वर्षीय संयुक्त कार्य योजना पर भी सहमति बनी थी, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की रूपरेखा शामिल है।
डोनाल्ड टस्क की आगामी यात्रा को इसी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के अगले महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। नरेंद्र मोदी ने 2024 की पोलैंड यात्रा के दौरान टस्क को भारत आने का निमंत्रण दिया था। इससे पहले टस्क वर्ष 2010 में भारत की यात्रा कर चुके हैं।
डोमांस्की ने बताया कि टस्क की यात्रा केवल नई दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगी। उनका बेंगलुरु जाने का कार्यक्रम भी है। बेंगलुरु भारत के प्रमुख टेक्नोलॉजी और इनोवेशन केंद्रों में शामिल है। ऐसे में यहां होने वाली बैठकों के दौरान टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, औद्योगिक निवेश और कंपनियों के बीच सहयोग जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की संभावना है।
पोलैंड का जोर भारत के साथ दीर्घकालिक आर्थिक संबंध विकसित करने पर है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी बनने के बाद व्यापार और निवेश के नए क्षेत्रों की पहचान की जा रही है। जुलाई 2026 में हुई भारत-पोलैंड संयुक्त आर्थिक सहयोग आयोग की बैठक में भी आईटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, नवीकरणीय प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।
मिल्वौकी में डोमांस्की ने पोलैंड की G20 सदस्यता की कोशिशों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पोलैंड सभी सदस्य देशों से अपनी सदस्यता के लिए समर्थन मांग रहा है। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि इस कोशिश में कुछ भू-राजनीतिक चुनौतियां भी हो सकती हैं। डोमांस्की ने कहा कि उन्हें लगता है कि रूस से पोलैंड की उम्मीदवारी को समर्थन मिलने की संभावना कम है। यह पोलिश मंत्री का आकलन है।
उन्होंने पोलैंड की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि उनका देश बड़ी यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से वृद्धि करने वालों में शामिल है। उनके अनुसार पोलैंड ने पिछले दशकों में सफल आर्थिक बदलाव का अनुभव किया है और अब वह अपने अनुभव को दूसरे देशों के साथ साझा करना चाहता है। डोमांस्की ने यह भी कहा कि G20 में शामिल होकर पोलैंड मध्य और पूर्वी यूरोप की आवाज को अधिक मजबूती से सामने रख सकता है।
हालांकि G20 की सदस्यता में किसी नए देश का प्रवेश सदस्य देशों के बीच व्यापक राजनीतिक सहमति से जुड़ा विषय है। ऐसे में पोलैंड के अभियान का अंतिम परिणाम भविष्य की कूटनीतिक बातचीत और सदस्य देशों के रुख पर निर्भर करेगा।
भारत और पोलैंड के संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क बढ़े हैं। अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वारसॉ यात्रा किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 45 वर्षों में पहली पोलैंड यात्रा थी। उसी यात्रा के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने की घोषणा की थी।
अब डोनाल्ड टस्क की प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान इस रणनीतिक साझेदारी को व्यावहारिक परियोजनाओं में बदलने पर जोर रहने की संभावना है। व्यापार और निवेश के अलावा रक्षा उद्योग इस यात्रा का अहम हिस्सा बनने जा रहा है। पोलैंड भारतीय बाजार में अपने रक्षा उत्पादों और कंपनियों के लिए अवसर तलाश रहा है, जबकि दोनों पक्ष औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर भी बातचीत कर रहे हैं।
करीब 100 कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ होने वाली यह यात्रा भारत-पोलैंड कारोबारी संबंधों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। नई दिल्ली में राजनीतिक और आर्थिक वार्ता के साथ बेंगलुरु में कारोबारी और तकनीकी संपर्क बढ़ाने की योजना दोनों देशों की साझेदारी के विस्तृत होते दायरे को दिखाती है।
अक्टूबर के आखिर में प्रस्तावित प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की भारत यात्रा पर अब दोनों देशों की नजरें रहेंगी। इस दौरान रक्षा निर्यात, व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग के साथ पोलैंड की G20 सदस्यता की कोशिश भी बातचीत के प्रमुख विषयों में शामिल रह सकती है।
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