
वर्ल्ड | विजेता डॉ. मोहम्मद यूनुस के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। यह मुलाकात कई मायनों में खास रही, क्योंकि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद यह पहली बार है जब यूनुस और मोदी आमने-सामने हुए।
डॉ. यूनुस, जो ‘ग्रामीण बैंक’ मॉडल के जरिए दुनिया भर में माइक्रोफाइनेंस की क्रांति लाने के लिए पहचाने जाते हैं, ने इस मुलाकात के दौरान भारत-बांग्लादेश के संबंधों को नई दिशा देने पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय आर्थिक विकास, स्टार्टअप सहयोग, और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
डॉ. यूनुस की यह भेंट ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत की विदेश नीति में संभावित बदलावों को लेकर चर्चा गर्म है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूनुस और मोदी की ये बातचीत बांग्लादेश में भारत के बढ़ते प्रभाव की एक झलक भी हो सकती है।
पीएम मोदी की टिप्पणी:
प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. यूनुस की सामाजिक और आर्थिक सुधारों के क्षेत्र में भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारत उनके अनुभवों से सीखने को हमेशा तैयार है। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
डॉ. यूनुस का दृष्टिकोण:
यूनुस ने कहा कि भारत जैसे बड़े देश की भूमिका केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानवीय और सामाजिक मोर्चे पर भी निर्णायक है। उन्होंने क्षेत्रीय शांति के लिए भारत के नेतृत्व को आवश्यक बताया।
निष्कर्ष:
इस मुलाकात को न केवल बांग्लादेश-भारत संबंधों के संदर्भ में, बल्कि दक्षिण एशिया में नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।





