
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय उज्बेकिस्तान यात्रा कई महत्वपूर्ण समझौतों और उपलब्धियों के साथ रविवार को संपन्न हो गई। इस यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कई अहम फैसले लिए गए।
यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में यूरेनियम सप्लाई को लेकर बनी सहमति शामिल है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया, जिसे दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
उज्बेकिस्तान ने पीएम मोदी को दिया सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने अपने देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ऑली दाराजली डस्टलिक’ से सम्मानित किया।
यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को रविवार को प्रदान किया गया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंधों को मजबूत करने में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान और दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दिया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाला यह 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान बताया जा रहा है।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को मिली नई मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना था।
यात्रा के दौरान दोनों देशों के नेताओं ने आपसी सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सुरक्षा और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
यूरेनियम सप्लाई पर बनी सहमति
यात्रा के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम सप्लाई को लेकर सहमति बनी है।
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है। उज्बेकिस्तान यूरेनियम उत्पादन करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है।
इस समझौते को भारत की ऊर्जा सुरक्षा और दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोनों नेताओं के बीच हुई अहम बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
दोनों नेताओं ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ नई संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
आर्थिक साझेदारी बढ़ाने पर जोर
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच आर्थिक संबंधों को विस्तार देने के लिए कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
दोनों देशों के बीच फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, कृषि, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर चर्चा हुई।
भारत ने उज्बेकिस्तान के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
पीएम मोदी ने जताया आभार
सम्मान मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान सरकार और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच गहरी दोस्ती और आपसी विश्वास का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के संबंधों को भविष्य में और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
ऐतिहासिक संबंधों को मिला नया आयाम
भारत और उज्बेकिस्तान के संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक संपर्क का लंबा इतिहास रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान इन संबंधों को आधुनिक साझेदारी में बदलने पर जोर दिया गया।
दोनों देशों ने भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों को तलाशने की बात कही।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी को लगातार मिल रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मानों को भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है।
उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाता है।
सफल रही प्रधानमंत्री की यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा कई महत्वपूर्ण फैसलों के साथ समाप्त हुई।
यूरेनियम सप्लाई पर सहमति, सर्वोच्च नागरिक सम्मान और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के फैसले इस यात्रा की प्रमुख उपलब्धियां रहीं।
यह यात्रा भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।





