
पोर्ट लुइस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मॉरीशस पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। खास बात यह रही कि पारंपरिक तरीके से उनका बिहारी लोकगीतों और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान वहां मौजूद भारतीय मूल के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
बिहारी संस्कृति की झलक, मॉरीशस में गूंजे पारंपरिक गीत
मॉरीशस में भारतीय प्रवासियों की संख्या काफी अधिक है, जिनमें से बड़ी संख्या बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़ी हुई है। पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए स्थानीय समुदाय ने 'गावई' लोकगीत गाए, जो बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की पारंपरिक सांस्कृतिक धरोहर माने जाते हैं।
जैसे ही पीएम मोदी एयरपोर्ट पहुंचे, लोगों ने "हे राम सिया राम, सिया राम जय जय राम" जैसे भजनों के साथ पारंपरिक लोक धुनें छेड़ दीं। वहां मौजूद मॉरीशस के गणमान्य लोगों और भारतीय समुदाय ने उन्हें फूलों की मालाएं पहनाकर और परंपरागत वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुत कर स्वागत किया।
भारत-मॉरीशस रिश्तों को मिलेगी मजबूती
यह यात्रा रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पीएम मोदी इस दौरे के दौरान कई द्विपक्षीय समझौतों पर चर्चा करेंगे। इनमें व्यापार, रक्षा, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषय प्रमुख होंगे।
मॉरीशस सरकार के अनुसार, भारत से उनके ऐतिहासिक और पारिवारिक संबंध काफी गहरे हैं। पीएम मोदी इस दौरान मॉरीशस में भारत द्वारा वित्तपोषित विभिन्न परियोजनाओं का भी निरीक्षण करेंगे, जिनमें मेट्रो रेल प्रोजेक्ट, अस्पताल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
प्रधानमंत्री का संबोधन और भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात
पीएम मोदी स्थानीय प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात करेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे। इस दौरान वह भारत-मॉरीशस के ऐतिहासिक संबंधों और पीएम विश्वकर्मा योजना, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं के बारे में चर्चा करेंगे, जिससे मॉरीशस के युवा और उद्यमी प्रेरित हो सकें।
समुद्री सुरक्षा और निवेश पर होगा बड़ा ऐलान
भारत और मॉरीशस सुरक्षा और व्यापार के क्षेत्र में कई समझौतों पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। खासतौर पर हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने के लिए दोनों देशों के बीच नौसैनिक सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत होगी।





