
ऑकलैंड : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) न्यूजीलैंड के ऑकलैंड स्थित गवर्नमेंट हाउस में मिले पारंपरिक माओरी 'पोहिरी' (Pōwhiri) औपचारिक स्वागत को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस विशेष समारोह में शामिल होना उनके लिए गर्व की बात है और यह न्यूजीलैंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं की एक भावुक और प्रेरणादायक झलक थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर एक पोस्ट साझा कर न्यूजीलैंड सरकार और वहां के लोगों का गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ऑकलैंड के गवर्नमेंट हाउस में आयोजित पारंपरिक स्वागत समारोह ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया।
Sharing my remarks during meeting with PM Christopher Luxon.@chrisluxonmp https://t.co/khsJEDiDpC
— Narendra Modi (@narendramodi) July 11, 2026
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा, "ऑकलैंड के गवर्नमेंट हाउस में सेरेमोनियल वेलकम पाकर गर्व महसूस कर रहा हूं। पारंपरिक माओरी पोहिरी न्यूजीलैंड की समृद्ध विरासत और परंपराओं की एक दिल को छू लेने वाली झलक थी।"
प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब वे न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा के दौरान उनका भव्य औपचारिक स्वागत किया गया, जिसमें न्यूजीलैंड की स्वदेशी माओरी संस्कृति के प्रमुख तत्वों को शामिल किया गया। यह समारोह दोनों देशों के बीच मित्रता, सम्मान और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक माना जाता है।
माओरी 'पोहिरी' न्यूजीलैंड की पारंपरिक स्वागत रस्म है, जिसका आयोजन विशेष अतिथियों और महत्वपूर्ण अवसरों पर किया जाता है। इस समारोह में पारंपरिक गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और रीति-रिवाजों के माध्यम से अतिथियों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाता है। इसे माओरी समुदाय की सांस्कृतिक पहचान और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत भी इसी पारंपरिक शैली में किया गया। गवर्नमेंट हाउस में आयोजित समारोह के दौरान उन्हें औपचारिक सम्मान दिया गया और न्यूजीलैंड की सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराया गया। प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को भारत और न्यूजीलैंड के मजबूत होते संबंधों का प्रतीक बताया
VIDEO | Auckland: PM Modi (@narendramodi) holds talks with New Zealand PM Christopher Luxon.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 11, 2026
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/xYoe0kmgPQ
प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अपने दौरे के दौरान वह न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, शिक्षा, कृषि, प्रौद्योगिकी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता भारत और न्यूजीलैंड के बीच संबंधों के व्यापक दायरे की समीक्षा करेंगे। पिछले दो वर्षों में विशेष रूप से व्यापार, वाणिज्य और रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही भविष्य में सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए नई संभावनाओं पर चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान न्यूजीलैंड के प्रमुख उद्योगपतियों, निवेशकों और खेल जगत की प्रमुख हस्तियों से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य आर्थिक सहयोग, निवेश और नवाचार के नए अवसरों को बढ़ावा देना है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड में बसे भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, न्यूजीलैंड में रहने वाला भारतीय मूल का समुदाय दोनों देशों के बीच मजबूत सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों की महत्वपूर्ण कड़ी है। इस यात्रा के दौरान आयोजित प्रवासी भारतीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों के शामिल होने की संभावना है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच वर्षों से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता के प्रति समान दृष्टिकोण रखते हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा रक्षा सहयोग में लगातार विस्तार हुआ है।
राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। माओरी परंपरा के अनुरूप हुआ औपचारिक स्वागत दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भावना को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने न्यूजीलैंड की सांस्कृतिक परंपराओं की सराहना करते हुए यह संकेत दिया कि भारत विविध संस्कृतियों और परंपराओं के सम्मान में विश्वास रखता है। उनकी यात्रा के दौरान होने वाली बैठकों और कार्यक्रमों से भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





