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इंडोनेशिया में PM मोदी का भव्य स्वागत, प्रबोवो का बड़ा बयान

Kavita2
8 July 2026 9:54 AM IST
इंडोनेशिया में PM मोदी का भव्य स्वागत, प्रबोवो का बड़ा बयान
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जकार्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के कूटनीतिक दौरे के पहले चरण में इन दिनों इंडोनेशिया की यात्रा पर हैं। इस दौरान भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में नई गर्मजोशी देखने को मिली। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी की खुले मंच से जमकर प्रशंसा की और भारत के साथ अपने देश के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और यहां तक कहा कि "मुझमें भारतीय डीएनए है।" राष्ट्रपति के इस बयान को दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और सभ्यतागत रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा 6 से 11 जुलाई तक प्रस्तावित तीन देशों के दौरे का हिस्सा है। इंडोनेशिया के बाद वह ऑस्ट्रेलिया और फिर न्यूजीलैंड जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना तथा सुरक्षा एवं तकनीकी सहयोग को नई दिशा देना है।

राष्ट्रपति प्रबोवो ने की प्रधानमंत्री मोदी की सराहना

जकार्ता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी का विशेष स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंध केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत पर आधारित हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें भारतीय संस्कृति से गहरा लगाव है और ऐसा महसूस होता है कि उनके भीतर भी भारतीय डीएनए मौजूद है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें भारतीय गीत-संगीत और संस्कृति बेहद पसंद है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी राष्ट्रपति प्रबोवो के इन भावनात्मक शब्दों की सराहना करते हुए कहा कि उनके इस वक्तव्य ने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया है। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंध केवल सरकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्ते मौजूद हैं।

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई।

बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण समझौतों पर भी सहमति बनी। इनमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल प्रणाली से जुड़ा समझौता भी शामिल है, जिसे दोनों देशों के रक्षा संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

भारतीय समुदाय से भी मिले प्रधानमंत्री

इंडोनेशिया प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया। उन्होंने भारत की तेज आर्थिक प्रगति, सुधारों और वैश्विक स्तर पर बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज विश्व अर्थव्यवस्था की वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने भारतीय प्रवासियों को दोनों देशों के बीच संबंधों का मजबूत आधार बताया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों को साझा सांस्कृतिक विरासत जोड़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग भविष्य में और अधिक मजबूत होगा।

तीन देशों के दौरे का पहला पड़ाव

प्रधानमंत्री मोदी की यह विदेश यात्रा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इंडोनेशिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया जाएंगे, जहां वे प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान रक्षा, व्यापार, शिक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

इसके बाद प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड पहुंचेंगे, जहां प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश और मुक्त व्यापार समझौते (FTA) सहित कई विषयों पर बातचीत होगी। साथ ही वहां रहने वाले भारतीय समुदाय को भी संबोधित करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर विशेष फोकस

भारत सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री की यह यात्रा 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और 'महासागर (MAHASAGAR) विज़न' को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरे के माध्यम से भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने रणनीतिक साझेदारों के साथ सहयोग को और मजबूत करना चाहता है। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला, रक्षा सहयोग, डिजिटल प्रौद्योगिकी और आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर भी विशेष जोर रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा ने दोनों देशों के पारंपरिक संबंधों को नई ऊर्जा दी है। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और भारत के प्रति व्यक्त की गई आत्मीयता ने इस यात्रा को और अधिक यादगार बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को आने वाले वर्षों में नई मजबूती मिलेगी।

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