
दिल्ली/कनाडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा के कैलगरी पहुंचे है। वह अल्बर्टा के कनानैस्किस में 51वें G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने जी7 शिखर सम्मेलन में भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति को देखते हुए पीएम मोदी को आमंत्रित किया है। हालांकि, इस निमंत्रण पर कनाडा के कुछ सांसदों और न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) ने आपत्ति जताई। सुरक्षा के लिए कैलगरी और कनानास्किस में नो-फ्लाई जोन लागू किया गया है, और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी), प्रांतीय पुलिस, प्रथम राष्ट्र और कनाडाई सशस्त्र बलों द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों के खुले तौर पर धमकी भरे नारों और हिंसक बयानबाजी पर कनाडा सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि वे अगले 48 घंटों तक जी7 शिखर सम्मेलन में लाइव-स्ट्रीम के माध्यम से विरोध प्रदर्शन करेंगे।
भारत सरकार ने इन प्रदर्शनों की कड़ी निंदा की है। पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने इसे "अस्वीकार्य" करार देते हुए कहा, "मोदी की राजनीति को खत्म करने का नारा वास्तव में उनकी हत्या की धमकी है, जिसे 'राजनीति' शब्द जोड़कर छिपाने की कोशिश की गई है। यह नारा पूरी तरह से बेतुका है।" उन्होंने कनाडा सरकार से खालिस्तानी चरमपंथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रदर्शनकारियों को "किराए के टट्टू" करार देते हुए कहा कि ये विरोध प्रदर्शन पड़ोसी देश (पाकिस्तान) से फंडिंग के जरिए हो रहे हैं। दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बच्चों को इन प्रदर्शनों में शामिल करने पर चिंता जताई और इसे "राजनीतिक एजेंडे के लिए बच्चों का दुरुपयोग" बताया।
Canada: PM Narendra Modi lands in Calgary. He will attend the 51st G7 Summit in Kananaskis, Alberta. pic.twitter.com/rnkybJoN0B
— ANI (@ANI) June 17, 2025





