
मॉरीशस : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 2 दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मॉरीशस पहुंच चुके हैं। यह यात्रा भारत और मॉरीशस के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
10 प्वाइंट्स में जानें इस दौरे का पूरा एजेंडा
सामरिक और रक्षा सहयोग:
भारत, मॉरीशस को सुरक्षा उपकरण, नौसेना सहयोग और सैन्य प्रशिक्षण में मदद देगा। हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया जाएगा।
व्यापार और निवेश समझौते:
भारत और मॉरीशस के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
डिजिटल कनेक्टिविटी और टेक्नोलॉजी:
भारत मॉरीशस को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में सहयोग देगा। इसके तहत ई-गवर्नेंस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल भुगतान प्रणाली को विकसित किया जाएगा।
शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट:
भारत के विश्वविद्यालयों और मॉरीशस के शिक्षण संस्थानों के बीच शिक्षा सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। छात्रवृत्तियों और एक्सचेंज प्रोग्राम्स पर भी बातचीत होगी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास:
मॉरीशस में सड़क, बंदरगाह, एयरपोर्ट और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में भारत का सहयोग जारी रहेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग:
भारत और मॉरीशस के बीच हेल्थकेयर सेक्टर में सहयोग बढ़ेगा। भारत मॉरीशस को मेडिकल सपोर्ट, दवाएं और टेलीमेडिसिन सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
ऊर्जा और पर्यावरण समझौते:
स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाया जाएगा।
सांस्कृतिक और प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव:
मॉरीशस की 70% से अधिक आबादी भारतीय मूल की है। पीएम मोदी प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे।
पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर:
भारत और मॉरीशस के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त पहल की जाएगी, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिलेगा।
वैश्विक कूटनीति और सहयोग:
भारत और मॉरीशस अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को मजबूत करने और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।





