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ब्रिक्स संसदीय मंच पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मिले पीएम मोदी
Ratna Netam
26 Oct 2026 6:46 PM IST

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नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ईरानी संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से शिष्टाचार मुलाकात की। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई इन मुलाकातों को भारत और ईरान के द्विपक्षीय संबंधों तथा संसदीय सहयोग के महत्व के लिहाज से अहम माना जा रहा है। ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें और जानकारी साझा की।
ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान हुई मुलाकात
भारत की संसद द्वारा आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की शुरुआत 26 अक्टूबर को हुई। यह दो दिवसीय आयोजन 27 अक्टूबर तक नई दिल्ली के संविधान सदन स्थित सेंट्रल हॉल में आयोजित किया जा रहा है। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के संसदीय प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।ईरानी दूतावास के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने मंच से इतर ईरानी संसदीय प्रतिनिधियों से शिष्टाचार मुलाकात की। दूतावास ने इन मुलाकातों को भारत और ईरान के द्विपक्षीय संबंधों के महत्व को रेखांकित करने वाला बताया।हालांकि, इन मुलाकातों के दौरान किन विशिष्ट द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मिले ईरानी प्रतिनिधि
ईरानी संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की। ईरानी दूतावास ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार सुबह बिरला के साथ बातचीत की।यह मुलाकात ऐसे समय हुई, जब भारत विभिन्न देशों के संसदीय नेतृत्व के साथ संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने की मेजबानी कर रहा है। ईरानी प्रतिनिधियों की भागीदारी से दोनों देशों की विधायी संस्थाओं के बीच संपर्क मजबूत करने का अवसर मिला।
ईरान के संसदीय प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल?
भारत पहुंचे ईरानी संसदीय प्रतिनिधिमंडल में अहमद नादेरी, ईरानी संसद के प्रेसीडिंग बोर्ड के सदस्य; अब्बास मोकतदाई, ईरान-भारत संसदीय मैत्री समूह के प्रमुख; और अली हद्दादी, इस समूह के उप प्रमुख शामिल हैं।ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालीबाफ इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। ईरानी दूतावास ने इसकी वजह कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों को बताया था। इसके बावजूद ईरान ने संसदीय प्रतिनिधिमंडल भेजकर मंच में भागीदारी सुनिश्चित की।
संसदीय सहयोग और जन-केंद्रित विकास पर जोर
12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का मुख्य विषय जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को मजबूत करना है। सम्मेलन में संसदीय कार्यप्रणाली, संस्थागत मजबूती, नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन, वैश्विक शासन में सुधार और सतत विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।इस मंच का उद्देश्य विभिन्न देशों की संसदों के बीच संवाद बढ़ाना, विधायी अनुभव साझा करना और साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग के अवसर तलाशना है। भारत की मेजबानी में आयोजित इस सम्मेलन में सदस्य और साझेदार देशों के संसदीय नेता अपनी प्राथमिकताओं और अनुभवों को साझा कर रहे हैं।
भारत-ईरान संबंधों के लिए संवाद महत्वपूर्ण
भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक संबंधों में संसदीय संपर्क भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विभिन्न देशों के जनप्रतिनिधियों के बीच मुलाकात से आपसी समझ बढ़ाने और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर विचार करने का अवसर मिलता है।ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री जयशंकर, सांसद शशि थरूर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ईरानी प्रतिनिधियों से मुलाकात इसी व्यापक संवाद का हिस्सा रही।फिलहाल इन शिष्टाचार मुलाकातों के संबंध में किसी नए समझौते या विशिष्ट परियोजना की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन ऐसे संपर्क भारत और ईरान के बीच संसदीय संवाद तथा द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।
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