
Bratislava ब्रैटिस्लावा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की उच्च स्तरीय वार्ता की। यह बैठक भारत और स्लोवाकिया के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने वहां आधिकारिक यात्रा की है, जिससे इस दौरे का कूटनीतिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
इस वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंधों को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में व्यापार, निवेश, तकनीकी नवाचार और रणनीतिक सहयोग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने के नए अवसरों पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में आपसी सहयोग को और अधिक गहरा करने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों का संकेत है, जो अब केवल औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं रहकर व्यावहारिक और रणनीतिक सहयोग की ओर बढ़ रहे हैं। बैठक में दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने, नई तकनीकों में साझेदारी और उद्योग जगत के बीच संपर्क को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
#WATCH | PM Narendra Modi and Prime Minister of Slovakia Robert Fico hold bilateral talks in Bratislava
— ANI (@ANI) June 15, 2026
(Source: DD) pic.twitter.com/MRUzAwurli
वार्ता के दौरान यह भी चर्चा हुई कि भारत और स्लोवाकिया मिलकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ा सकते हैं। दोनों नेताओं ने यह भी माना कि शिक्षा, कौशल विकास और अनुसंधान के क्षेत्र में भी सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
इस उच्च स्तरीय बैठक को दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत और मध्य यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को और गति देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और स्लोवाकिया जैसे मित्र देश के साथ सहयोग को और आगे बढ़ाना चाहता है। वहीं, स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने भारत को एक महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदार बताते हुए दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों पर संतोष व्यक्त किया।
कुल मिलाकर, यह बैठक भारत और स्लोवाकिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुई है, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग और गहरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।





