
Auckland ऑकलैंड : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे। यहां पहुंचने पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने उनका स्वागत किया। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी अपने न्यूजीलैंड दौरे में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ वार्ता करेंगे। इसके अलावा वे वहां रह रहे भारतीय समुदाय यानी इंडियन डायस्पोरा को भी संबोधित करेंगे।
भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई गति देने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली से रवाना होने से पहले जारी अपने बयान में कहा था कि उनकी यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के बीच संबंधों में आई सकारात्मक गति को और आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय में द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती आई है और यह दौरा आपसी सहयोग के नए क्षेत्रों को तलाशने का अवसर प्रदान करेगा।
लक्सन की भारत यात्रा के बाद बढ़ी नजदीकी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की भारत यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लक्सन की यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा मिली है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार, शिक्षा, रक्षा, कृषि, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर लगातार काम किया जा रहा है।
कई अहम मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन के बीच होने वाली बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
दोनों नेता व्यापार और निवेश बढ़ाने, आर्थिक सहयोग मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी को लेकर विचार साझा कर सकते हैं।
इसके अलावा शिक्षा, कौशल विकास, पर्यटन और जलवायु परिवर्तन जैसे विषय भी बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं।
भारतीय समुदाय से करेंगे संवाद
न्यूजीलैंड में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे।
विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ संवाद प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं का एक प्रमुख हिस्सा रहा है। इस दौरान वे प्रवासी भारतीयों को भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों में उनकी भूमिका के बारे में भी संबोधित कर सकते हैं।
तीन देशों की यात्रा का अंतिम चरण
प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा उनकी तीन देशों की विदेश यात्रा का अंतिम पड़ाव है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न देशों के नेताओं के साथ मुलाकात कर भारत के कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का उद्देश्य भारत के वैश्विक सहयोग को विस्तार देना और विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है।
भारत-न्यूजीलैंड के बीच बढ़ता सहयोग
भारत और न्यूजीलैंड के संबंध पारंपरिक रूप से मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच संपर्क के आधार पर साझेदारी विकसित हुई है।
न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता है। भारतीय मूल के लोग वहां व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
दौरे से नई संभावनाओं की उम्मीद
प्रधानमंत्री मोदी के न्यूजीलैंड दौरे को दोनों देशों के संबंधों में नई संभावनाओं के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान होने वाली बैठकों से भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।
भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग को महत्वपूर्ण मानते हैं। ऐसे में दोनों देशों के नेताओं की यह मुलाकात रणनीतिक दृष्टि से भी अहम मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी के न्यूजीलैंड पहुंचने के साथ ही उनकी तीन देशों की यात्रा का अंतिम चरण शुरू हो गया है। अब सभी की नजरें प्रधानमंत्री मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन के बीच होने वाली वार्ता और उससे निकलने वाले संभावित फैसलों पर टिकी हैं।





