
Evian ईविऑन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बुधवार को फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 समिट के दौरान एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग की समीक्षा की और भारत-यूक्रेन संबंधों को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। बैठक में विशेष रूप से व्यापारिक संबंधों को फिर से युद्ध से पहले के स्तर पर लाने और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की गई।
यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक परिस्थितियाँ लगातार बदल रही हैं और कई देशों के बीच आर्थिक व कूटनीतिक संबंधों को नए सिरे से परिभाषित किया जा रहा है। भारत और यूक्रेन के बीच पिछले कुछ समय में संवाद और सहयोग में वृद्धि देखी गई है, जिसे दोनों नेताओं ने सकारात्मक संकेत के रूप में स्वीकार किया।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि एवियन में राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाकात हुई और हाल के समय में भारत तथा यूक्रेन के बीच संवाद और सहयोग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग विभिन्न क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है और दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।
Met President Volodymyr Zelenskyy in Evian. In recent times, India and Ukraine have been engaging extensively. This has been reflected in different areas of our cooperation. Our talks today were about reviewing different aspects of our cooperation. We both agree that trade ties… pic.twitter.com/z0CUKKw9Hj
— Narendra Modi (@narendramodi) June 17, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करना था। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि व्यापारिक संबंधों को फिर से उस स्तर तक पहुंचाने की आवश्यकता है, जो युद्ध से पहले मौजूद था। यह कदम दोनों देशों के आर्थिक हितों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने शांति और बातचीत के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहा है और मानवता के मूल्यों को सर्वोपरि मानता है। उनके अनुसार, किसी भी संघर्ष का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है।
इस बैठक में भारत और यूक्रेन के बीच भविष्य में सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर भी विचार हुआ। इसमें व्यापार, निवेश और अन्य आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि आपसी सहयोग को बढ़ाकर दोनों देशों के नागरिकों के लिए लाभकारी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
G7 समिट के दौरान हुई यह बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका को भी दर्शाती है। भारत लगातार विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर संतुलित और शांतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के लिए जाना जाता है।
इस प्रकार, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की यह मुलाकात भारत-यूक्रेन संबंधों को एक नई दिशा देने वाली मानी जा रही है, जिसमें आर्थिक सहयोग और शांति प्रक्रिया दोनों को प्राथमिकता दी गई है।





