विश्व

न्यूजीलैंड पहुंचे PM, ऑकलैंड में गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत

Kavita2
11 July 2026 9:44 AM IST
न्यूजीलैंड पहुंचे PM, ऑकलैंड में गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत
x

ऑकलैंड : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शनिवार (स्थानीय समयानुसार) न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचने पर औपचारिक स्वागत किया गया। गवर्नमेंट हाउस में आयोजित विशेष समारोह के दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इस सम्मान के साथ प्रधानमंत्री मोदी की आधिकारिक यात्रा की शुरुआत हुई, जिसे भारत और न्यूजीलैंड के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्वागत समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच होने वाली बैठक में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, शिक्षा, कृषि, प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और लोगों के बीच संबंधों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों प्रधानमंत्री भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा करेंगे। विशेष रूप से पिछले दो वर्षों में व्यापार एवं वाणिज्य तथा रक्षा सहयोग के क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए नए अवसरों पर भी चर्चा होगी।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक संबंधों को नई गति देने के उद्देश्य से दोनों पक्ष व्यापार और निवेश बढ़ाने पर विशेष ध्यान देंगे। भारतीय कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड में निवेश के अवसर तथा न्यूजीलैंड के उद्योगों के लिए भारत के विशाल बाजार तक पहुंच जैसे मुद्दे भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहने की संभावना है।




रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। समुद्री सुरक्षा, रक्षा प्रशिक्षण, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा होने की उम्मीद है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच भारत और न्यूजीलैंड दोनों नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और क्षेत्रीय शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने पर जोर दे सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान न्यूजीलैंड के प्रमुख उद्योगपतियों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों से भी मुलाकात करेंगे। इनमें व्यवसाय, नवाचार, खेल और अन्य क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व शामिल होंगे। इन बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक सहयोग को और मजबूत करना है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी भारतीय मूल के लोगों और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे। न्यूजीलैंड में रहने वाला भारतीय समुदाय दोनों देशों के संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान भारतीय प्रवासी समुदाय (इंडियन डायस्पोरा) के एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

मंत्रालय के अनुसार, भारत और न्यूजीलैंड के बीच लोगों के आपसी संबंध वर्षों से मजबूत रहे हैं। शिक्षा, व्यापार, संस्कृति और पर्यटन के माध्यम से दोनों देशों के नागरिकों के बीच लगातार संपर्क बढ़ा है। भारतीय मूल के लोग न्यूजीलैंड के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, जिससे दोनों देशों के संबंध और अधिक मजबूत हुए हैं।





प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत वैश्विक स्तर पर अपनी रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियों को विस्तार देने पर विशेष ध्यान दे रहा है। न्यूजीलैंड के साथ संबंधों को भी इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि इस यात्रा से भारत और न्यूजीलैंड के बीच राजनीतिक विश्वास और आर्थिक साझेदारी को और मजबूती मिलेगी। साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को भी नई दिशा मिल सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न समझौतों और सहयोग संबंधी घोषणाओं की भी संभावना जताई जा रही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी विशेष समझौते की पुष्टि नहीं की गई है।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के बीच बहुआयामी संबंधों को और गहरा करने का अवसर प्रदान करेगी। द्विपक्षीय वार्ता, उद्योग जगत से मुलाकात और भारतीय समुदाय को संबोधन के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयाम स्थापित करने का प्रयास करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न केवल दोनों देशों के राजनीतिक संबंधों को मजबूती देगा, बल्कि व्यापार, निवेश, रक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्रों में भी नई संभावनाओं के द्वार खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Next Story