
कैनबरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा शुरू करेंगे। यह दौरा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के आमंत्रण पर हो रहा है और इसे भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इंडोनेशिया की यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी अब अपने तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया पहुंचेंगे, जहां दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप) को नई मजबूती देने पर जोर रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, निवेश, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को और गति मिलेगी तथा कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए समझौते होने की संभावना है।
#WATCH | Melbourne, Australia: Prime Minister Narendra Modi to visit Melbourne from 8-10 July
— ANI (@ANI) July 7, 2026
In Melbourne, Prime Minister will hold bilateral discussions with Prime Minister Albanese. He will also call on the Governor General of Australia, Sam Mostyn AC. During his visit, Prime… pic.twitter.com/hLn94iV0IM
एंथनी अल्बानीज़ के निमंत्रण पर हो रहा दौरा
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आधिकारिक दौरे के लिए आमंत्रित किया था। दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता में आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार बैठक में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, रक्षा सहयोग का विस्तार करने, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स), सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को मजबूत बनाने जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने वर्ष 2020 में अपने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच रक्षा अभ्यास, समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और तकनीकी साझेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देश इस साझेदारी को और व्यापक बनाने के लिए नई पहल पर चर्चा करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है और कई भारतीय कंपनियां ऑस्ट्रेलिया में निवेश कर रही हैं। वहीं ऑस्ट्रेलियाई कंपनियां भी भारत में ऊर्जा, शिक्षा, खनन और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही हैं।
यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से जुड़े मुद्दों और व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है। इससे दोनों देशों के उद्योगों और कारोबारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर विशेष चर्चा
भारत और ऑस्ट्रेलिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदार हैं। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर लगातार साथ काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अल्बानीज़ के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने, संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विस्तार करने तथा रक्षा तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों पर भी दोनों नेता विचार-विमर्श करेंगे।
शिक्षा और तकनीकी सहयोग को मिलेगी नई दिशा
ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों के लिए प्रमुख शिक्षा केंद्रों में से एक है। दोनों देशों के बीच उच्च शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
इस यात्रा में विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी, छात्र विनिमय कार्यक्रम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन, साइबर सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग पर भी चर्चा होने की संभावना है।
भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान वहां रह रहे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वे दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री अपने संबोधन में भारत की आर्थिक प्रगति, वैश्विक भूमिका और प्रवासी भारतीयों के योगदान का उल्लेख कर सकते हैं। भारतीय समुदाय भी प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारियों में जुटा हुआ है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग होगा मजबूत
भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही स्वतंत्र, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के पक्षधर हैं। दोनों देश क्वाड (QUAD) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भी मिलकर काम कर रहे हैं। ऐसे में यह यात्रा क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक संबंधों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी भविष्य में और मजबूत होने की उम्मीद है।
तीन देशों के दौरे का अहम चरण
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा उनके तीन देशों के विदेश दौरे का दूसरा चरण है। इंडोनेशिया में सफल वार्ता के बाद अब ऑस्ट्रेलिया में होने वाली उच्च स्तरीय बैठकों पर दुनिया की नजर रहेगी। इसके बाद प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड की यात्रा करेंगे।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री मोदी का ऑस्ट्रेलिया दौरा भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक, रक्षा और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी और अधिक मजबूत होगी।





