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अमेरिका में हिंदू मंदिर पर सामूहिक गोलीबारी की साजिश नाकाम

Ratna Netam
16 Oct 2026 7:25 PM IST
अमेरिका में हिंदू मंदिर पर सामूहिक गोलीबारी की साजिश नाकाम
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नई दिल्ली। अमेरिका के शिकागो के पास इलिनॉय राज्य के ऑरोरा शहर में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश सामने आने के बाद भारत ने गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को कहा कि यह घटना अमेरिका में भारतीय समुदाय के खिलाफ नफरत से प्रेरित अपराधों और नस्लीय भेदभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। भारत ने अमेरिकी प्रशासन से अपने देश में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अमेरिका में हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश भारत के लिए गहरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से की गई कार्रवाई पर भारत ने संज्ञान लिया है।
विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं अमेरिका में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं।उन्होंने कहा, "यह हमारे लिए निश्चित रूप से गहरी चिंता का विषय है। साथ ही, यह अमेरिका में भारतीय समुदायों के खिलाफ नफरत से प्रेरित अपराधों और नस्लीय भेदभाव के बढ़ते मामलों को भी उजागर करता है।"जायसवाल ने आगे कहा कि भारत ने घटना के बाद अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई का संज्ञान लिया है। हालांकि, उन्होंने अमेरिकी पक्ष से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की थी कथित योजना
अमेरिकी जांच एजेंसियों के अनुसार, ऑरोरा क्षेत्र में स्थित एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की योजना बनाने के आरोप में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है।आरोपी की पहचान एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस के रूप में हुई है। वह शिकागो के उपनगर पैलेटाइन का रहने वाला है।जांचकर्ताओं का आरोप है कि युवक भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा करने की योजना बना रहा था। पुलिस को उसके बारे में सूचना मिलने के बाद जांच शुरू की गई और उसे हिरासत में लिया गया।
आरोपी के पास से हथियार और संदिग्ध सामग्री बरामद
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के घर की तलाशी के दौरान एक राइफल, गोला-बारूद, लोडेड मैगजीन और सुरक्षा उपकरण बरामद किए गए।इसके अलावा जांचकर्ताओं को श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा से संबंधित सामग्री और एक कथित घोषणापत्र भी मिला।अधिकारियों का कहना है कि इस सामग्री में दक्षिण एशियाई और विशेष रूप से भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसक विचार व्यक्त किए गए थे।पुलिस ने आरोपी पर आतंकवादी धमकी देने और गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
मंदिर परिसर तक पहुंचने की बात भी सामने आई
जांच से जुड़े विवरण के अनुसार, आरोपी 11 अक्टूबर को कथित रूप से हथियार लेकर मंदिर परिसर तक पहुंचा था।अधिकारियों का दावा है कि हथियार में खराबी आने के कारण वह गोलीबारी नहीं कर सका। इसके बाद घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की।अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इस कथित हमले में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अमेरिकी सांसद ने की नफरत से प्रेरित अपराध की जांच की मांग
अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने संघीय जांच एजेंसी एफबीआई से मामले की जांच नफरत से प्रेरित अपराध के रूप में करने का आग्रह किया है।कृष्णमूर्ति ने कहा कि धार्मिक स्थलों और भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।उन्होंने धार्मिक संस्थानों के लिए सुरक्षा संबंधी सहायता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
ऑरोरा प्रशासन ने भी घटना की निंदा की
ऑरोरा के मेयर जॉन लेश ने 15 अक्टूबर को जारी बयान में कथित साजिश की निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करते समय असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए।मेयर ने पुलिस और मामले की जानकारी देने वाले व्यक्ति की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते मिली सूचना से बड़ी त्रासदी टल गई।उन्होंने शहर में धार्मिक स्वतंत्रता और सभी समुदायों की सुरक्षा बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर भारत का जोर
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।ऑरोरा मंदिर से जुड़ी कथित साजिश ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और नस्लीय नफरत से प्रेरित हिंसा के खतरे को फिर चर्चा में ला दिया है।भारत ने अमेरिकी अधिकारियों की कार्रवाई का संज्ञान लेते हुए ऐसी घटनाओं की रोकथाम और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता जताई है।
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