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अब बिकेगा जासूसी के आरोपों से घिरा पेगासस, अमेरिकी कंपनी ने खरीदने में दिखाई है दिलचस्पी

Sarita
14 Dec 2021 8:24 AM IST
अब बिकेगा जासूसी के आरोपों से घिरा पेगासस, अमेरिकी कंपनी ने खरीदने में दिखाई है दिलचस्पी
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फाइल फोटो

कभी कथित पेगासस जासूसी कांड को लेकर भारत समेत कई देशों में हंगामा मचा था। अब यह स्पाइवेयर बनाने वाली कंपनी एनएसओ जल्द ही बिकने वाली है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। कभी कथित पेगासस जासूसी कांड को लेकर भारत समेत कई देशों में हंगामा मचा था। अब यह स्पाइवेयर बनाने वाली कंपनी एनएसओ जल्द ही बिकने वाली है। इस मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया कि एनएसओ ग्रुप लिमिटेड जल्द ही अपने विवादित पेगासस यूनिट को बंद कर सकती है या फिर पूरी कंपनी को बेच सकती है। बताया जा रहा है कि कंपनी को बेचने को लेकर कई इन्वेस्टमेंट फंड से बातचीत हुई है। नाम ना बताने की शर्त पर इस मामले के जानकारों ने बताया कि यह बातचीत बेहद निजी तौर पर हुई है। कंपनी ने Moelis & Co. से सलाहकारों का चयन किया है और इसके अलावा वकीलों से भी सलाह ली जा रही है।

जानकारी के मुताबिक दो अमेरिकी फंड ने इस खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। वो जल्द ही इसका नियंत्रण अपने हाथों में ले सकते हैं औऱ पेगासस को बंद भी किया जा सकता है। न्यूयॉर्क की कंपनी Moelis & Co. के एक प्रतिनिधि ने जहां इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया तो वहीं एनएसओ की तरफ से भी इसपर अभी तक कुछ भी नहीं कहा गया है। कहा जा रहा है कि पेगासस की जानकारी को और साइबर रूप से और सुरक्षित बनाने और इजराइली कंपनी की ड्रोन तकनीक विकसित करने के लिए 200 मिलियन निवेश पर भी चर्चा हुई है।
बता दें कि इजरायली कंपनी एनएसओ पर अपने पेगासस स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर के जरिए भारत समेत दुनिया के कई हस्तियों की जासूसी का आरोप लगा था। जिसे लेकर काफी हंगामा हुआ था। कहा गया था कि पेगासस सॉफ्टवेयर को किसी भी मोबाइल फोन में आसानी से डाला जा सकता है और इसके जरिए कई मोबाइल यूजर्स की जासूसी की गई है। एनएसओ पर हाई-प्रोफाइल लोगों की कथित तौर से जासूसी करने का आऱोप लगा था। इसमें राजनेता, पत्रकार और मानवाधिकार से जुड़ी हस्तियां शामिल थे।
हालांकि कंपनी ने कहा था कि उसने अपनी तकनीक कानूनी अधिकारियों और सरकारी एजेंसियों को अपराध और आतंकवाद रोकने के लिए बेचा है। आरोप लगने के बाद कंपनी ने कई लोगों से अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म भी कर दिया था। यूएस कॉमर्स डिपार्टमेंट ने एनएसओ को ब्लैकलिस्टेेंड भी किया था। इतना ही नहीं एप्पल ने एनएसओ को नोटिस जारी किया था और कहा था कि वो उसके प्रोडक्ट्स से दूर हे। यूएस द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद एनएसओ पर दबाव काफी बढ़ गया था। कंपनी पर करीब 450 मिलिनय डॉलर के बकाये के भुगतान का दबाव भी है।
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