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ऑपरेशन सिंदूर पर PAK का नया दांव वीडियो में किए बड़े-बड़े दावे

Ratna Netam
7 Sept 2026 6:27 PM IST
ऑपरेशन सिंदूर पर PAK का नया दांव वीडियो में किए बड़े-बड़े दावे
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नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के बाद अब सोशल मीडिया और प्रचार वीडियो के जरिए नैरेटिव की लड़ाई जारी है। पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) ने 6 सितंबर को अपने एयर फोर्स डे के मौके पर **'फिजाओं के पासबां'** नाम से एक एनिमेटेड वीडियो जारी किया है। इसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने के दावे किए गए हैं। हालांकि इन दावों को साबित करने के लिए वीडियो में वास्तविक सैटेलाइट तस्वीरें या स्वतंत्र रूप से सत्यापित नुकसान के प्रमाण दिखाई नहीं देते।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। कई भारतीय यूजर्स PAF के दावों पर सवाल उठा रहे हैं और वास्तविक सबूत पेश करने की मांग कर रहे हैं।
भारत की डॉक्यूमेंट्री के बाद आया PAF का वीडियो
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक डॉक्यूमेंट्री जारी की थी। इसके बाद पाकिस्तान एयर फोर्स की ओर से भी अपना पक्ष पेश करने वाला एनिमेटेड वीडियो सामने आया।
PAF ने अपने वीडियो में ग्राफिक्स और कंप्यूटर एनिमेशन के जरिए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की कथित कार्रवाई को दिखाने की कोशिश की है। वीडियो में लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दृश्य एनिमेशन के जरिए प्रस्तुत किए गए हैं।
32 एयरबेस पर हमले का दावा
वायरल वीडियो को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक PAF ने दावा किया है कि उसने संघर्ष के दौरान भारतीय वायुसेना के 32 ठिकानों को निशाना बनाया। इसके अलावा दो S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को नुकसान पहुंचाने का भी दावा किया गया है।
वीडियो में भारत के नेशनल ग्रिड को अस्थिर करने, बिजली व्यवस्था प्रभावित करने और फ्यूल सप्लाई चेन को नुकसान पहुंचाने जैसे दावे भी किए गए हैं।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में इन कथित नुकसानों की वास्तविक तस्वीरों, सैटेलाइट इमेज या दूसरी सत्यापन योग्य सामग्री के बजाय मुख्य रूप से ग्राफिक्स और एनिमेशन का इस्तेमाल किया गया है।
चीनी PL-15 मिसाइल को लेकर भी चर्चा
PAF के वीडियो में चीनी मूल की PL-15 एयर-टू-एयर मिसाइल को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन के दौरान चीनी हथियार प्रणालियों के इस्तेमाल को अपनी सैन्य क्षमता के तौर पर पेश करने की कोशिश की है।
वीडियो में कई सैन्य कार्रवाइयों को सिनेमाई अंदाज में दिखाया गया है। हालांकि किसी सैन्य दावे की पुष्टि के लिए सिर्फ एनिमेशन पर्याप्त प्रमाण नहीं होता। वास्तविक नुकसान की पुष्टि के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड, जियो-लोकेटेड तस्वीरें, सैटेलाइट इमेजरी या अन्य स्वतंत्र स्रोत महत्वपूर्ण होते हैं।
सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स ने PAF के दावों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने पूछा कि अगर भारत के इतने बड़े सैन्य और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया था तो उसके वास्तविक प्रमाण कहां हैं?
यूजर्स का सबसे बड़ा सवाल कथित रूप से नष्ट किए गए एयरबेस और S-400 सिस्टम से जुड़ा रहा। लोगों ने वास्तविक तस्वीरें और सैटेलाइट इमेजरी दिखाने की मांग की।
इसी वजह से वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर मजाक और आलोचना दोनों देखने को मिल रही हैं।
सूचना युद्ध भी बना अहम मोर्चा
भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान सिर्फ जमीन और आसमान में सैन्य गतिविधियां ही नहीं बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सूचना युद्ध देखने को मिला है। इससे पहले भारत सरकार की PIB Fact Check Unit ने भी पाकिस्तान समर्थक सोशल मीडिया अकाउंट्स से प्रसारित कुछ वीडियो को AI जनरेटेड या भ्रामक बताया था।
मई 2026 में PIB ने एक डिजिटल रूप से बदले गए वीडियो का खंडन किया था, जिसमें भारत के रक्षा सचिव के नाम से पाकिस्तान द्वारा भारतीय सिस्टम जाम किए जाने का कथित बयान प्रसारित किया गया था।
ऐसे में किसी भी वायरल सैन्य वीडियो या युद्ध से जुड़े दावे को बिना सत्यापन के सच मानना जोखिम भरा हो सकता है।
PAF का नया वीडियो फिलहाल इसी नैरेटिव वॉर का हिस्सा बनकर चर्चा में है। पाकिस्तान ने इसमें अपनी सैन्य सफलता के कई बड़े दावे किए हैं, लेकिन उनके समर्थन में स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाण सामने नहीं आने के कारण सोशल मीडिया पर सवाल भी उतनी ही तेजी से उठ रहे हैं।
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