
x
Pakistan पाकिस्तान: पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के दौरान पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों से चीन के साथ उसके संबंधों में तनाव पैदा हो गया है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजिंग ने भले ही सार्वजनिक तौर पर चिंता जाहिर नहीं की हो, लेकिन उसकी कूटनीतिक प्रतिक्रिया से असहजता साफ झलकती है। थिंक टैंक पोलिटेइया अनुसंधान फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार का हालिया बीजिंग दौरा इस मकसद से था कि चीन से मध्यस्थता के लिए समर्थन हासिल किया जाए, लेकिन उन्हें सिर्फ “सतर्क और सिद्धांत आधारित” प्रतिक्रिया ही मिली।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह स्थिति इस बात का संकेत है कि चीन-पाकिस्तान संबंधों में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। खासतौर पर अफगानिस्तान और अमेरिका को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद उभर रहे हैं, जिससे इस “ऑल-वेदर” साझेदारी की दिशा प्रभावित हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने पहले इस्लामाबाद में मिस्र, सऊदी अरब और तुर्की जैसे देशों के साथ बैठक कर मध्यस्थता की कोशिश की थी, लेकिन जब कोई ठोस परिणाम नहीं निकला तो उसने चीन का रुख किया।
हालांकि, चीन ने इस पहल का खुलकर समर्थन करने के बजाय पाकिस्तान को पहले अफगानिस्तान के साथ अपने संबंध सुधारने की सलाह दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन का मानना है कि जो देश खुद अपने पड़ोसी के साथ तनाव में हो, वह निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभा सकता। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में चीन के सुरक्षा हितों की अनदेखी की है, जिससे बीजिंग को अपनी क्षेत्रीय रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ा है।
चीन की चिंता उसके बड़े निवेश से भी जुड़ी है, खासकर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) के तहत। इसके अलावा, चीन अफगानिस्तान में भी अपने आर्थिक और कनेक्टिविटी नेटवर्क का विस्तार करना चाहता है, जो उसके बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का अहम हिस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के वर्षों में चीन ने सीपीईसी के लिए फंडिंग में काफी कमी की है। इसके पीछे भ्रष्टाचार, चीनी कर्मियों पर आतंकी हमले और पाकिस्तान में बढ़ती अस्थिरता जैसी चिंताएं प्रमुख कारण हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान बार-बार सीपीईसी का जिक्र कर चीन से आर्थिक समर्थन हासिल करने की कोशिश करता है, लेकिन बीजिंग अब सतर्क रुख अपना रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते हालात में चीन और पाकिस्तान के रिश्तों की दिशा में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है, जो क्षेत्रीय राजनीति और आर्थिक सहयोग पर असर डाल सकता है।
Tagsपाकिस्तानचीनमध्यस्थताअमेरिका-ईरान-इजरायल तनावइशाक डारबीजिंग दौराअफगानिस्तानसीपीईसीऑल-वेदर साझेदारीक्षेत्रीय राजनीतिआर्थिक सहयोगबीजिंग की सतर्कताचीन-पाकिस्तान संबंधजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





