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बलूचिस्तान में Pakistani बलों पर एक और छात्र की हत्या का आरोप

SHIDDHANT
28 Feb 2026 10:31 PM IST
बलूचिस्तान में Pakistani बलों पर एक और छात्र की हत्या का आरोप
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Quetta क्वेटा: बलूचिस्तान में एक और बलूच छात्र की कथित तौर पर गैर-न्यायिक हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने शनिवार को यह दावा किया। बलूच यकजेहती समिति (बीवाईसी) के अनुसार, 26 वर्षीय इमरान ताज का क्षत-विक्षत शव शुक्रवार को केच जिले के तुर्बत शहर में मिला। संगठन का कहना है कि वह पिछले नौ महीनों से जबरन लापता था।
बीवाईसी ने बयान में कहा, “इस दुखद घटना ने उनके परिवार और पूरे बलूच समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। संगठन के मुताबिक, इमरान ताज तुर्बत विश्वविद्यालय के छात्र थे। 27 जून 2025 को वह कक्षाएं खत्म कर घर लौट रहे थे, तभी उन्हें रास्ते से कथित तौर पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और फ्रंटियर कॉर्प्स के कर्मियों ने उठा लिया था।
बीवाईसी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगियां, गैर-न्यायिक हत्याएं और लक्षित हिंसा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि वे बलूचिस्तान की स्थिति का संज्ञान लें और बलूच लोगों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करें।
संगठन ने कहा, “बलूच लोगों को जीवन, सुरक्षा और न्याय का अधिकार है। कोई भी परिवार भय और शोक में जीवन बिताने को मजबूर न हो, जबकि जिम्मेदार लोग दंड से बचते रहें। हमारा संघर्ष नफरत से नहीं, बल्कि अपने लोगों की गरिमा और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए है।”
इधर, बलूचिस्तान मानवाधिकार परिषद (एचआरसीबी) ने शुक्रवार को बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की। संगठन ने कहा कि 25 फरवरी को केच जिले के मिनाज इलाके में अज्ञात हथियारबंद लोगों ने हमला कर छह लोगों की हत्या कर दी, जबकि तीन अन्य घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
एचआरसीबी के अनुसार, हमलावरों ने एक घर पर पहले मोर्टार दागे, फिर अंदर मौजूद लोगों पर भारी गोलीबारी की। हमलावरों ने घर के बाहर खड़े तीन वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। संगठन ने कहा, “निर्दोष नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की हत्या मौलिक मानवाधिकारों और मानवीय सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन है। कोई भी राजनीतिक उद्देश्य या सुरक्षा का तर्क ऐसे कृत्यों को जायज नहीं ठहरा सकता
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