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पाकिस्तान को अभी और इंतजार करना होगा, ब्लैक लिस्ट का खतरा बढा, जानें-एक्सपर्ट व्यू
Rounak Dey
20 Oct 2021 2:24 PM IST

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भारत अमेरिका और फ्रांस के आगे इन देशों की चलती नहीं है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट से निकलने को बेचैन पाकिस्तान को अभी और इंतजार करना होगा। यह माना जा रहा है कि पाकिस्तान को अगले वर्ष अप्रैल तक ग्रे लिस्ट में रखा जाएगा। गौरतलब है कि मंगलवार से शुरू हुई एफएटीएफ की बैठक गुरुवार तक जारी रहेगी। इस बैठक पर भारत की भी नजर है। आखिर क्या है ग्रे लिस्ट। पाकिस्तान इस लिस्ट से बाहर आने को क्यों है बेचैन। ग्रे लिस्ट में रहने से पाक को क्या है नुकसान।
पाक को आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का एक और मौका
प्रो. हर्ष वी पंत का कहना है कि एफएटीएफ की अब अगली बैठक अप्रैल, 2022 में होगी। मतलब साफ है कि पाकिस्तान को इस ग्रे लिस्ट से बाहर आने के लिए अभी कम से कम छह महीने इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि हालांकि, पाकिस्तान के लिए राहत की बात यह है एफएटीएफ ने उसे ब्लैक लिस्ट में नहीं डाला है। यानी पाकिस्तान को सुधरने के लिए उसे एक मौका और दिया जा रहा है। इमरान सरकार के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि इस दौरान वह यह सिद्ध करे कि वह आतंकियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि अगर पाक की कथनी और करनी में अंतर नहीं दिखा तो 2022 में वह ब्लैक लिस्ट में भी शामिल हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान के लिए बड़ा संकट होगा।
एक्शन प्लान की शर्तों को पूरा नहीं कर रहा पाक
एफएटीएफ ने पाकिस्तान को जून 2018 में ग्रे लिस्ट में शामिल किया था। पाकिस्तान को एक एक्शन प्लान पर अमल के लिए कहा गया था। इस एक्शन प्लान में पाकिस्तान 28 में से 26 शर्तें पूरी कर चुका है, लेकिन बकाया दो शर्तें वह पूरा नहीं कर सका है। खास बात यह है कि यह दोनों शर्तें काफी अहम हैं। इसके चलते उसे आइएमएफ, वर्ल्ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक और यूरोपियन यूनियन से किसी तरह का कर्ज नहीं मिल पा रहा है। इमरान सरकार चीन तुर्की और मलेशिया की मदद से इस ग्रे लिस्ट से बाहर आना चाहती है, लेकिन भारत अमेरिका और फ्रांस के आगे इन देशों की चलती नहीं है।
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