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Islamabad इस्लामाबाद। पाकिस्तान में 2025 की तीसरी तिमाही के दौरान हिंसा में 46 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई है, जिसमें कम से कम 901 मौतें और 599 घायल हुए हैं। यह जानकारी इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (सीआरएसएस) की एक रिपोर्ट में दी गई है। सीआरएसएस ने अपनी रिपोर्ट में आतंकवादी हिंसा में वृद्धि और आतंकवाद-रोधी अभियानों के विस्तारित पैमाने का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2025 पिछले वर्ष की संख्या को पार कर जाएगा। इसने चेतावनी दी कि अगर ऐसा ही रहा तो 2025 इस दशक के सबसे घातक वर्षों में से एक हो सकता है।
रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि केवल तीन तिमाहियों में, 2025 लगभग पूरे 2024 जितना ही घातक साबित हुआ है, जिसमें पिछले वर्ष दर्ज की गई कुल 2546 मौतों की तुलना में 2414 मौतें दर्ज की गई हैं और अभी पूरी एक तिमाही बाकी है। पाकिस्तान में जनवरी और सितंबर 2024 के बीच 1,527 मौतें दर्ज की गईं। 2025 में इसी अवधि के लिए 2414 मौतों का आंकड़ा हिंसा में 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 2024 में सुरक्षा अभियानों के कारण 505 मौतें हुईं (कुल का 33 प्रतिशत), जबकि आतंकवादी हमलों में 1022 मौतें हुईं। 2025 में सुरक्षा अभियानों में 1265 मौतें हुईं।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि इस तिमाही में देश में हुई 96 प्रतिशत से ज्यादा हिंसा के लिए जिम्मेदार खैबर पख्तूनख्वा (केपी) और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा अस्थिर प्रांत रहे। केपी सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र रहा, जहां हिंसा से जुड़ी कुल मौतों में से लगभग 71 प्रतिशत (638) और हिंसा की 67 प्रतिशत (221) से ज्यादा घटनाएं हुईं। इसके बाद बलूचिस्तान का स्थान रहा, जहां 25 प्रतिशत से ज्यादा मौतें (230) और घटनाएं (85) हुईं। बाकी सभी क्षेत्रों में दर्ज मौतों, घायलों और घटनाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।
हालांकि, दूसरी तिमाही में दर्ज की गई ज्यादार मौतें अपराधियों के कारण हुई होंगी, लेकिन हमलों और चोटों की संख्या के लिहाज से सुरक्षा अधिकारियों और अपराधियों की तुलना में नागरिक सबसे ज्यादा निशाना बनाए गए। लगभग 123 आतंकवादी हमलों में नागरिक हताहत हुए, इसके बाद लगभग 106 घटनाओं में सुरक्षा अधिकारियों को नुकसान उठाना पड़ा और लगभग 100 सुरक्षा अभियानों में अपराधियों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, नागरिकों को 355 चोटें आईं, जबकि सुरक्षा अधिकारियों को 209 और अपराधियों को 35 चोटें आईं।
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