
वर्ल्ड :पाकिस्तान में सेना के भीतर असंतोष की खबरें तेज हो गई हैं, जहां कई वरिष्ठ अधिकारियों और पूर्व सैन्य अधिकारियों ने सेनाध्यक्ष से इस्तीफा देने की मांग की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में बढ़ते राजनीतिक संकट, सेना की भूमिका और आर्थिक अस्थिरता के चलते सेना के भीतर फूट के संकेत मिल रहे हैं।
क्यों उठी इस्तीफे की मांग?
सूत्रों के अनुसार, सेना के कुछ धड़ों में मौजूदा सैन्य नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। कुछ अधिकारियों का मानना है कि सेना की मौजूदा नीतियों ने देश की आंतरिक स्थिति को और खराब कर दिया है।
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राजनीतिक हस्तक्षेप: सेना पर आरोप है कि उसने राजनीतिक मामलों में जरूरत से ज्यादा दखल दिया।
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आर्थिक संकट: पाकिस्तान की बिगड़ती अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय दबाव को लेकर भी असंतोष है।
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आंतरिक गुटबाजी: सेना के भीतर कुछ गुटों में मौजूदा नेतृत्व के फैसलों को लेकर नाखुशी है।
क्या बोले पूर्व सैन्य अधिकारी?
पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, कुछ पूर्व सैन्य अधिकारियों और विश्लेषकों ने खुलकर सैन्य नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। एक पूर्व जनरल ने कहा कि "अगर सेना की विश्वसनीयता बचानी है तो मौजूदा सैन्य प्रमुख को इस्तीफा देना चाहिए।"
सरकार और सेना की प्रतिक्रिया
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सरकार ने इन खबरों को अफवाह बताया और कहा कि सेना में कोई बगावत नहीं है।
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पाकिस्तानी सेना की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थिति को संभालने के लिए कई बैठकें की जा रही हैं।
आगे क्या?
अगर सेना के भीतर असंतोष बढ़ता है, तो यह पाकिस्तान की राजनीतिक और सैन्य स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। इससे देश में सत्ता संतुलन पर भी असर पड़ सकता है।





